सिरप की बिक्री में बदलाव: डॉक्टर की पर्ची अब अनिवार्य
सिरप की बिक्री पर नए नियम
हाल के दिनों में सिरप की बिक्री को लेकर देशभर में चर्चा चल रही है। यदि आप अब तक मेडिकल स्टोर से सीधे खांसी या अन्य सिरप खरीदते थे, तो भविष्य में यह प्रक्रिया सरल नहीं रहेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने दवाओं की बिक्री से संबंधित नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं। नए नियमों के अनुसार, सभी प्रकार की सिरप अब डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं बेची जाएंगी, जिसमें कफ सिरप भी शामिल है, जिसका सामान्यत: उपयोग किया जाता है।
नए नियमों का उद्देश्य
स्वास्थ्य मंत्रालय ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन का नोटिफिकेशन जारी किया है, जो 9 जून को प्रकाशित हुआ था। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य दवाओं के उपयोग पर नियंत्रण बढ़ाना और लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। हाल के महीनों में कफ सिरप के कारण कई बच्चों की जान जाने की घटनाओं ने कई राज्यों में हंगामा खड़ा कर दिया था, जिसके बाद सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की गई थी।
डॉक्टर की पर्ची की आवश्यकता
पहले कुछ सिरप श्रेणियों को ऐसे नियमों के तहत रखा गया था, जिससे उन्हें विशेष परिस्थितियों में बिना सख्त प्रिस्क्रिप्शन के बेचा जा सकता था। नए नियमों के तहत सिरप शब्द को हटाने की बात की गई है, जिससे ये दवाएं सीधे डॉक्टर की सलाह से जुड़ जाएंगी। इसका मतलब है कि यदि किसी व्यक्ति को खांसी या सर्दी के लिए सिरप की आवश्यकता होगी, तो उसे पहले डॉक्टर से सलाह और पर्ची लेनी होगी।
पहले मिली थी छूट
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कुछ दवाओं को विशेष नियमों से छूट मिली हुई थी। इनमें एंटीसेप्टिक, एंटासिड और कॉन्ट्रासेप्टिव जैसी सामान्य चीजें शामिल थीं, जिन्हें 'ओवर-द-काउंटर' बेचा जा सकता था। नए संशोधन के तहत, ड्रग्स नियम, 1945 के शेड्यूल 'K' से 'सिरप' शब्द हटा दिया गया है, जिसके बाद अब सिरप को ओवर-द-काउंटर बेचना प्रतिबंधित कर दिया गया है।
सरकार का निर्णय
सरकार का कहना है कि हाल के समय में कफ सिरप की गुणवत्ता और उसके उपयोग को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। कई मामलों में बच्चों और मरीजों को दवाओं के गलत उपयोग या खराब गुणवत्ता वाली दवाओं से नुकसान उठाना पड़ा है। कुछ स्थानों पर खराब कफ सिरप के उपयोग से बच्चों की जान भी चली गई। इसी कारण दवाओं की बिक्री और उपयोग को सुरक्षित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
सिरप की उपलब्धता
स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों के साथ बैठकों में यह भी कहा है कि खासकर बच्चों में कफ सिरप का उपयोग सोच-समझकर होना चाहिए, क्योंकि कई बार सामान्य खांसी अपने आप ठीक हो जाती है। सिरप के गलत उपयोग और इससे होने वाले नुकसान को रोकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। सिरप मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध रहेंगी, लेकिन उन्हें खरीदने के लिए डॉक्टर से लिखवाकर लाना होगा।