सीएमए पेशे की बढ़ती भूमिका पर जोर, आईसीएमएआई का 13वां राष्ट्रीय छात्र कॉन्वोकेशन 2026
आईसीएमएआई का भव्य आयोजन
नई दिल्ली - द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमएआई) ने नई दिल्ली के सी. सुब्रमण्यम कन्वेंशन सेंटर में 13वें राष्ट्रीय छात्र कॉन्वोकेशन 2026 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देशभर से 1,200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें नए कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स (सीएमए), रैंक होल्डर्स, शिक्षक, उद्योग प्रतिनिधि, नीति निर्माता, पेशेवर सदस्य और अभिभावक शामिल थे।
इस आयोजन ने विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के तहत देश के आर्थिक विकास, वित्तीय पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन में सीएमए पेशे की बढ़ती भूमिका को उजागर किया।
कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। भारत सरकार में शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार और पूर्व केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. सत्यानारायण जटिया विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अपने संबोधन में तरणजीत सिंह संधू ने कहा कि व्यापार, शासन और अर्थव्यवस्था में तेजी से बदलाव आ रहा है। ऐसे में आईसीएमएआई जैसे संस्थानों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि आज के सीएमए केवल रिकॉर्ड रखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे कंपनियों और संस्थानों के महत्वपूर्ण निर्णयों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक सीएमए को वित्त के साथ-साथ बिजनेस मॉडल, संचालन, जोखिम प्रबंधन, दक्षता और रणनीति की समझ होनी चाहिए। आज के पेशेवर निवेश, मूल्य निर्धारण, विस्तार और दीर्घकालिक योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने छात्रों से ईमानदारी और पेशेवर मूल्यों को बनाए रखने की अपील की, यह कहते हुए कि “विश्वसनीयता इस पेशे की सबसे बड़ी ताकत है।” उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक, डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से इस क्षेत्र को बदल रहे हैं।
डॉ. सुकांत मजूमदार ने छात्रों को “भारतीय अर्थव्यवस्था के वित्तीय योद्धा” बताते हुए कहा कि सीएमए देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि आईसीएमएआई पिछले कई दशकों से वित्तीय अनुशासन, लागत नियंत्रण और पारदर्शिता को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। आज यह पेशा भारत की विनिर्माण वृद्धि, जीएसटी सुधारों और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों के केंद्र में है।
आईसीएमएआई के अध्यक्ष सीएमए टीसीए श्रीनिवास प्रसाद ने कहा कि बदलती तकनीक और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के कारण सीएमए की भूमिका लगातार बढ़ रही है। आज सीएमए केवल वित्तीय विशेषज्ञ नहीं, बल्कि रणनीतिक सलाहकार और नीति निर्माता बन चुके हैं।
कॉन्वोकेशन समिति के संयोजक और आईसीएमएआई के पूर्व अध्यक्ष सीएमए अश्विन कुमार जी. दलवाड़ी ने कहा कि यह कॉन्वोकेशन छात्रों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। यह केवल एक समारोह नहीं, बल्कि छात्रों के नए पेशेवर जीवन की शुरुआत है।
कार्यक्रम के दौरान जून 2025 और दिसंबर 2025 सत्र के सीएमए फाइनल परीक्षा के टॉपर्स को सम्मानित किया गया। समारोह में 200 से अधिक रैंक होल्डर्स को सम्मानित किया गया और 47 पुरस्कार विजेताओं को मेडल और प्रमाणपत्र दिए गए।
कार्यक्रम का समापन कॉन्वोकेशन समिति के अध्यक्ष सीएमए विनयारंजन पी. के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने छात्रों को बधाई देते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।