सीजेपी का प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस ने दी अनुमति देने से किया इनकार
सीजेपी का प्रदर्शन और पुलिस का इनकार
नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सोमवार को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए अनुमति मांगी। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से मना कर दिया। इससे पहले, सीजेपी ने 20 जून से 25 जुलाई तक जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया था, जिसके परिणामस्वरूप केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ था।
सीजेपी ने अब दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने कहा है कि यदि उन्हें जंतर मंतर पर प्रदर्शन की तारीख नहीं दी गई, तो वे आंदोलन करेंगे। सीजेपी के सह संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास ने सोमवार को प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन का दौरा किया। रांका ने बताया कि उन्होंने पुलिस को एक पत्र देकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी है और प्रदर्शन की तारीख तय करने का विकल्प भी दिया है।
रांका ने यह भी कहा कि उन्हें किसी वरिष्ठ अधिकारी से मिलने का अवसर नहीं मिला क्योंकि वहां कोई मौजूद नहीं था। उन्होंने मजाक में कहा कि सीजेपी के पहुंचने के बाद पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन को खाली कर दिया गया था। इस बीच, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों का वीडियो संपादित करके जारी किया है। उन्होंने कहा कि हिरासत में वकील से संपर्क करना कानूनी अधिकार है, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई। दीपके ने यह भी कहा कि उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।