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सीजेपी ने प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर जताई चिंता, सरकार से वादे निभाने की अपील

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। पार्टी ने सरकार से अपील की है कि वह अपने वादे का सम्मान करे और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करे। सीजेपी ने कहा है कि यदि सरकार अपने आश्वासन का उल्लंघन करती है, तो यह लाखों युवाओं के साथ विश्वासघात होगा। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और सभी आवश्यक कानूनी सहायता प्रदान कर रहे हैं।
 

सीजेपी की चिंता


कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर चिंता व्यक्त की है। पार्टी ने कहा कि यदि सरकार अपने वादे के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो यह लाखों युवा भारतीयों के साथ विश्वासघात होगा।


सरकार से अपील

सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने एक बयान में कहा कि पार्टी ने अपने राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन को तब वापस लिया जब सरकार ने आश्वासन दिया कि भाजपा या राजग शासित राज्यों में किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। हाल ही में असम, पश्चिम बंगाल और बिहार से प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की खबरें चिंताजनक हैं।


उन्होंने कहा कि हम सभी प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हमारी टीम इन राज्यों में वकीलों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई सुनिश्चित की जा सके।


सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल

सीजेपी ने भारत सरकार से, विशेषकर जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह से अनुरोध किया है कि वे अपने वादे का सम्मान करें और हिरासत में लिए गए सभी लोगों की रिहाई सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों को भी वापस लिया जाना चाहिए।


पार्टी ने सरकार को याद दिलाया कि उन्हें मंगलवार (28 जुलाई) तक लिखित गारंटी प्रदान करनी चाहिए। यदि सरकार अपने वादे को तोड़ती है, तो यह न केवल सीजेपी के साथ विश्वासघात होगा, बल्कि उन लाखों युवाओं के विश्वास को भी तोड़ेगा जिन्होंने बातचीत का रास्ता चुना।


सीजेपी का समर्थन

सीजेपी ने युवा प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि वे उनके साथ हैं और पार्टी स्थिति पर नजर रखे हुए है। उन्होंने सरकार से अपेक्षा की कि वह जिम्मेदारी और नेक नीयती से काम करे।


पार्टी ने मांग की है कि सभी हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार लोगों को तुरंत रिहा किया जाए और सभी प्राथमिकियां वापस ली जाएं। यदि ऐसा नहीं होता है, तो वे आगे आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार हैं।