सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा: छात्रों की आंसरशीट्स पर उठे सवाल, IIT मद्रास कर रहा जांच
नई दिल्ली में छात्रों की बढ़ती चिंताएं
नई दिल्ली: सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा की आंसरशीट्स की कॉपी प्राप्त करने के लिए छात्रों ने अंतिम दिन बड़ी संख्या में ऑनलाइन आवेदन किया। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, सोमवार शाम तक 10.5 लाख में से 7 लाख से अधिक छात्रों को स्कैन की गई कॉपी भेजी जा चुकी थी। जिन विद्यार्थियों ने 25 मई रात 12 बजे तक आवेदन किया है, उन्हें 27 मई तक उनकी आंसरशीट्स उपलब्ध कराई जाएंगी।
सीबीएसई की प्रतिक्रिया
आंसरशीट्स को लेकर सोशल मीडिया पर उठ रही शिकायतों जैसे कि ब्लर कॉपी, मिसिंग पेज और बिना जांचे जवाब के बीच, सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि इन सभी मामलों को री-इवैल्यूशन विंडो में देखा जाएगा। बोर्ड ने यह भी बताया कि तकनीकी गड़बड़ियों की जांच के लिए IIT मद्रास की टीम ने काम शुरू कर दिया है।
IIT मद्रास की जांच में क्या सामने आया?
सीबीएसई के ऑनलाइन पोर्टल पर आंसरशीट्स की कॉपी के लिए आवेदन करते समय छात्रों को कई तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इस मामले की जांच IIT मद्रास की टीम कर रही है। प्रारंभिक जांच में हाई ट्रैफिक और अनधिकृत दखल के संकेत मिले हैं, जिसकी विस्तृत जांच जारी है।
स्कैन कॉपियां 27 मई तक भेजी जाएंगी
सीबीएसई चेयरपर्सन राहुल सिंह ने कहा कि जितनी भी शिकायतें आ रही हैं, उन्हें री-इवैल्यूशन की विंडो में देखा जाएगा। आंसरशीट्स की कॉपी के लिए छात्रों ने आवेदन किया है, और अब हम इन्हें कॉपी भेज रहे हैं। सोमवार शाम तक 10.5 लाख में से 7 लाख कॉपी भेजी जा चुकी थी। बाकी की कॉपियां 27 मई तक भेजी जाएंगी। इसके दो दिन बाद, यानी 29 मई को री-इवैल्यूशन की विंडो खोली जाएगी।
शिकायतों का निपटारा
बोर्ड ने बताया कि री-इवैल्यूशन प्रक्रिया को दो हिस्सों में बांटा जाएगा। पहले सेक्शन में छात्रों की शिकायतें दर्ज की जाएंगी, जबकि दूसरे में छात्र सवालों की दोबारा जांच के लिए आवेदन कर सकेंगे। राहुल सिंह ने कहा कि पहले सेक्शन में हम ग्रीवांस लेंगे, जैसे स्कैन की गई कॉपी ब्लर है या पेज मिसिंग है।
री-इवैल्यूशन के बाद भी मिलेगा मौका
सीबीएसई ने कहा है कि यदि शिकायतों के निपटारे के बाद भी कोई छात्र किसी सवाल की दोबारा जांच करवाना चाहता है, तो उसके लिए अलग से आवेदन कर सकेगा। बोर्ड ने छात्रों से घबराने की बजाय आधिकारिक प्रक्रिया का इंतजार करने को कहा है।
OSM सिस्टम पर उठे सवाल
इस वर्ष सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड की कॉपियों की जांच ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के जरिए की। इसके तहत 98.6 लाख से अधिक आंसरशीट्स को पहले स्कैन किया गया और फिर डिजिटल तरीके से जांच की गई। रिजल्ट में 3.19 प्रतिशत की गिरावट के बाद इस सिस्टम पर सवाल उठने लगे हैं।
पोर्टल ठप होने पर बढ़ा विवाद
पोस्ट रिजल्ट सुविधा 19 मई को शुरू की गई थी, लेकिन शुरुआती दिनों में पोर्टल बार-बार ठप होने की शिकायतें आईं। सोशल मीडिया पर छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा देखने को मिला। NEET पेपर लीक विवाद के बाद सीबीएसई पोर्टल फेल होने का मुद्दा भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ई-इवैल्यूशन पोर्टल की जांच के लिए IIT मद्रास की टीम को जिम्मेदारी सौंपी।