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सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा: छात्रों के लिए अंकों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू

सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के छात्रों के लिए अंकों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह पोर्टल उन छात्रों के लिए खोला गया है, जिन्हें अपने अंकों पर संदेह है। आवेदन करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक विस्तृत वीडियो भी उपलब्ध कराया गया है। छात्रों को आवेदन शुल्क और प्रक्रिया के बारे में सभी आवश्यक जानकारी दी गई है। यदि पुनर्मूल्यांकन के बाद अंक बढ़ते हैं, तो फीस वापस की जाएगी। जानें पूरी प्रक्रिया और आवेदन कैसे करें।
 

सीबीएसई ने खोला अंकों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन का पोर्टल


नई दिल्ली: सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों छात्रों का इंतजार अब समाप्त हो गया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अंकों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए एक नया पोर्टल लॉन्च किया है। जिन छात्रों को अपने प्राप्त अंकों पर संदेह है, वे अब आधिकारिक प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं। यह निर्णय उन छात्रों के लिए राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से पोर्टल के खुलने का इंतजार कर रहे थे। छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर सकते हैं और आवश्यकतानुसार अंकों के सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।


सीबीएसई ने इस पोर्टल के शुरू होने की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की है। बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे आवेदन करने से पहले पूरी प्रक्रिया को समझ लें। इसके लिए एक विस्तृत वीडियो भी उपलब्ध कराया गया है, जिसमें आवेदन की सभी चरणों को सरलता से समझाया गया है। बोर्ड ने कहा है कि छात्र निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहेगी।


पोर्टल की तारीख में कई बार बदलाव

यह पोर्टल पहले 29 मई को फिर से खोला जाने वाला था, जो उन छात्रों के लिए था, जिन्हें अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी मिल चुकी थी। हालांकि, तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी तैयारियों के चलते इसे कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके बाद CBSE ने घोषणा की कि पोर्टल 1 जून से शुरू किया जाएगा। इससे पहले, 19 से 25 मई के बीच छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन करने का अवसर दिया गया था। 26 मई के बाद यह सुविधा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई थी।


जांच प्रक्रिया का विवरण

संशोधित व्यवस्था के अनुसार, जिन छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी मिल चुकी है, वे किसी विशेष प्रश्न पर आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। यदि किसी उत्तर का मूल्यांकन सही तरीके से नहीं हुआ है या अंक जोड़ने में गलती हुई है, तो छात्र संबंधित प्रश्न के लिए पुनर्मूल्यांकन का अनुरोध कर सकते हैं। बोर्ड के अनुसार, प्राप्त आपत्तियों की जांच विषय विशेषज्ञों द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के माध्यम से की जाएगी, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और सटीक बनेगी।


आवेदन शुल्क की जानकारी

सत्यापन के लिए छात्रों को प्रति उत्तर पुस्तिका 500 रुपये का शुल्क देना होगा, जबकि पुनर्मूल्यांकन के लिए प्रति प्रश्न 100 रुपये निर्धारित किया गया है। CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कैन कॉपी उपलब्ध कराने के बाद सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की विंडो कम से कम दो दिनों तक खुली रहेगी, ताकि छात्र बिना जल्दबाजी के आवेदन कर सकें।


अंक बढ़ने पर फीस की वापसी

छात्रों के हित में बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यदि पुनर्मूल्यांकन के बाद किसी छात्र के अंक बढ़ते हैं, तो उससे ली गई री-इवैल्युएशन फीस वापस कर दी जाएगी। इस निर्णय का छात्रों और अभिभावकों ने स्वागत किया है, क्योंकि इससे छात्रों को निष्पक्ष मूल्यांकन का भरोसा मिलता है।


री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन कैसे करें

री-इवैल्युएशन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले छात्रों को अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करनी होगी। इसके बाद उत्तर पुस्तिका को ध्यानपूर्वक जांचना चाहिए। यह देखना जरूरी है कि कोई उत्तर छूटा तो नहीं है, अंक जोड़ने में कोई गलती तो नहीं हुई है, कोई पेज गायब तो नहीं है या मूल्यांकन में कोई त्रुटि तो नहीं हुई। यदि अंक जोड़ने या रिकॉर्डिंग में गलती दिखाई देती है, तो सत्यापन के लिए आवेदन किया जा सकता है। वहीं, यदि किसी विशेष प्रश्न में अपेक्षा से कम अंक दिए गए हैं या मूल्यांकन में त्रुटि महसूस होती है, तो उस प्रश्न के लिए पुनर्मूल्यांकन का विकल्प चुना जा सकता है।