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सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर उठाए सवाल

गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान डॉलर की बढ़ती कीमत और रुपए की गिरावट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार वैश्विक हालात का बहाना बनाकर अपनी आर्थिक नीतियों की विफलता से नहीं बच सकती। रंधावा ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो महंगाई और बेरोजगारी की समस्या और गंभीर हो सकती है। जानें उनके विचार और मांगें इस लेख में।
 

रुपए की गिरती कीमतों पर चिंता

चंडीगढ़ - गुरदासपुर के सांसद और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच डॉलर की बढ़ती कीमत और रुपए की गिरावट को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार वैश्विक परिस्थितियों का बहाना बनाकर अपनी आर्थिक नीतियों की विफलता से नहीं बच सकती। रुपए की गिरती कीमत यह दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आर्थिक स्थिति पर विश्वास कमजोर हो रहा है।


रंधावा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई बार रुपए की गिरावट पर बोलते सुना है, लेकिन अब उनके विचारों का इंतजार है जब वह पीएम के रूप में इस मुद्दे पर बात करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है, जैसा कि सरकार का दावा है, तो फिर डॉलर के मुकाबले रुपया बार-बार क्यों गिर रहा है। मोदी ने कहा था कि रुपए को इतना मजबूत किया जाएगा कि उसकी कीमत डॉलर के मुकाबले 40 तक पहुंच जाएगी, लेकिन आज डॉलर की कीमत 94 पार है और यह 100 तक जा सकती है।


उन्होंने बताया कि रुपए की गिरावट का सीधा असर पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और आयातित वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है, जिससे महंगाई बढ़ती है और आम जनता की स्थिति खराब होती है।


रंधावा ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का वैश्विक बाजारों पर असर पड़ रहा है, लेकिन भारत में इसका प्रभाव अधिक है क्योंकि सरकार ने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के बजाय केवल प्रचार पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा कि जब भी अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ता है, मजबूत अर्थव्यवस्था वाले देश अपनी मुद्रा को संभाल लेते हैं, जबकि भारत में हर संकट के समय रुपया तेजी से कमजोर हो जाता है।


उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि गलत आर्थिक नीतियों और कमजोर वित्तीय प्रबंधन के कारण देश की मुद्रा पर दबाव बढ़ रहा है।


रंधावा ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने समय रहते ठोस आर्थिक कदम नहीं उठाए, तो महंगाई और बेरोजगारी की समस्या और गंभीर हो सकती है। उन्होंने मांग की कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रभावी नीतियां लागू की जाएं ताकि रुपए की गिरावट को रोका जा सके और आम जनता को राहत मिल सके। कांग्रेस पार्टी हमेशा देश की आर्थिक स्थिरता और आम जनता के हितों के लिए आवाज उठाती रहेगी।