सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर किया तीखा हमला, बताया 'सरेंडर का कैलेंडर'
भाजपा सांसद का कांग्रेस पर आरोप
नई दिल्ली: भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका 'सरेंडर का कैलेंडर' 1947 में भारत के विभाजन से शुरू होता है, जब उन्होंने मुस्लिम लीग के सामने समर्पण किया।
कांग्रेस के समर्पण की श्रृंखला
प्रेस कॉन्फ्रेंस में त्रिवेदी ने कहा कि 1947 में भारत के विभाजन के बाद, 1948 में पाकिस्तान को पीओके सौंपना, 1962 में चीन को अक्साई चिन देना, और कच्चातिवु द्वीप को श्रीलंका को सौंपना, ये सभी कांग्रेस के समर्पण की दुखद घटनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि यह श्रृंखला भारत के लिए हमेशा याद रखने योग्य है।
कच्चातिवु द्वीप का ऐतिहासिक संदर्भ
उन्होंने बताया कि 26 जून 1974 को कच्चातिवु द्वीप को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भारत से अलग करके श्रीलंका को सौंप दिया था, जिससे तमिलनाडु के मछुआरों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। त्रिवेदी ने कहा कि यह कांग्रेस की शर्मनाक विदेश नीति का एक उदाहरण है।
केरल शराब नीति पर प्रतिक्रिया
केरल में कांग्रेस की शराब नीति पर टिप्पणी करते हुए, त्रिवेदी ने कहा कि हाल ही में यूडीएफ के माध्यम से सत्ता में आई कांग्रेस ने शराब पर एक्साइज ड्यूटी को 251 प्रतिशत से घटाकर 121 प्रतिशत कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि इससे सरकार के राजस्व में कमी आएगी और यह पैसा किसकी जेब में जाएगा।
युवाओं के भविष्य पर चिंता
उन्होंने कहा कि केरल के गृह मंत्री ने ड्रग्स की समस्या को गंभीर बताया है, और कांग्रेस को राहुल गांधी से सवाल पूछने की आवश्यकता है कि युवाओं के भविष्य के लिए उनकी क्या योजना है।
भाजपा का विरोध
भाजपा सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर तीव्र विरोध व्यक्त करती है और कांग्रेस से पूछती है कि सस्ती शराब देकर युवाओं के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है।
एलडीएफ और यूडीएफ की समानता
त्रिवेदी ने कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, और दोनों ने केरल की युवा पीढ़ी को नशे में डुबोने का काम किया है।