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सुनील गावस्कर ने आईपीएल फ्रेंचाइजियों को खिलाड़ियों के चयन में सतर्क रहने की सलाह दी

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर ने आईपीएल फ्रेंचाइजियों को खिलाड़ियों के चयन में सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने स्थानीय टी20 लीगों और आईपीएल के बीच के अंतर को उजागर करते हुए कहा कि कई खिलाड़ी उच्च स्तर की गेंदबाजी के खिलाफ संघर्ष करते हैं। गावस्कर ने स्काउटिंग प्रक्रिया की कमजोरियों पर भी प्रकाश डाला और सुझाव दिया कि फ्रेंचाइजियों को खिलाड़ियों का चयन करते समय गहराई से मूल्यांकन करना चाहिए। जानें उनके विचार और सुझाव इस लेख में।
 

आईपीएल में खिलाड़ियों के चयन पर सुनील गावस्कर की चेतावनी


आईपीएल अपडेट्स: भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने आईपीएल फ्रेंचाइजियों को खिलाड़ियों के चयन में सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि राज्य और शहर स्तर की टी20 लीगों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कई खिलाड़ी आईपीएल में उच्च गुणवत्ता की गेंदबाजी के सामने टिक नहीं पाते हैं।


गावस्कर ने एक कॉलम में उल्लेख किया कि स्थानीय लीगों और आईपीएल के स्तर में काफी अंतर है। छोटी लीगों में बड़े शॉट्स लगाने वाले कई बल्लेबाज आईपीएल में अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों के खिलाफ संघर्ष करते हैं। इसलिए, केवल कुछ मैचों या चर्चित प्रदर्शनों के आधार पर खिलाड़ियों का चयन करना जोखिम भरा हो सकता है।


उन्होंने फ्रेंचाइजियों के स्काउटिंग सिस्टम पर भी सवाल उठाए। गावस्कर के अनुसार, कई बार स्काउट्स खिलाड़ियों की वास्तविक क्षमता के बजाय उनके एजेंटों, प्रचार या कुछ यादगार पारियों से प्रभावित हो जाते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि टीमें करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद खिलाड़ियों से अपेक्षित प्रदर्शन नहीं प्राप्त कर पातीं।


उन्होंने आगे कहा कि जब कोई टीम किसी खिलाड़ी को बड़ी रकम देकर खरीदती है और फिर उसे कुछ मैचों के बाद ही बाहर बैठा देती है, तो यह स्काउटिंग प्रक्रिया की कमजोरी को दर्शाता है। गावस्कर ने माना कि आईपीएल ऐसा मंच है जहां खिलाड़ियों की असली क्षमता बहुत जल्दी सामने आ जाती है और बढ़ा-चढ़ाकर बनाई गई छवि ज्यादा समय तक नहीं टिकती।


गावस्कर ने यह भी कहा कि कई खिलाड़ी पूरे सीजन में साधारण प्रदर्शन करते हैं, लेकिन एक अच्छी पारी के दम पर अगले सीजन के लिए फिर से टीमों का भरोसा हासिल कर लेते हैं। उनके अनुसार, फ्रेंचाइजियों को खिलाड़ियों के चयन में अधिक गहराई से मूल्यांकन करना चाहिए, ताकि केवल एक-दो प्रदर्शन के आधार पर बड़े फैसले न लिए जाएं।