सुप्रीम कोर्ट ने अब्बास अंसारी को गैंगस्टर मामले में नियमित जमानत दी
अब्बास अंसारी को मिली जमानत
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के विधायक अब्बास अंसारी को गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में नियमित जमानत प्रदान की है। अब्बास अंसारी, जो गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के पुत्र हैं, मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत मिलने के बाद अब्बास अंसारी को यूपी से बाहर जाने के लिए ट्रायल कोर्ट को पूर्व सूचना देनी होगी, जिसमें उन्हें अपना मोबाइल नंबर और यात्रा की जानकारी शामिल करनी होगी।
जमानत के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि अंसारी को पहले से निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना होगा। अब्बास अंसारी कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, लेकिन अन्य मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। इस निर्णय को अब्बास अंसारी और उनके परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत माना जा रहा है।
इससे पहले, सितंबर 2025 में, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत की शर्तों में ढील दी थी। अंसारी को लखनऊ में उनके आवास में रहने का निर्देश दिया गया था। पिछले साल सितंबर में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी जेल की सजा पर रोक लगाई थी, जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता भी बहाल कर दी गई थी। अब्बास अंसारी पर 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप था।
आरोप है कि उन्होंने एक सार्वजनिक बैठक में उत्तेजक बातें की थीं और सरकारी अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने पर वह उनसे हिसाब बराबर करेंगे। मुख्तार अंसारी का पूर्वी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक प्रभाव रहा है और उनके निधन के बाद अब्बास अंसारी ने उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया। 2022 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने मऊ सदर सीट पर जीत हासिल की थी।