सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के हमलों पर मुआवजे का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
नई दिल्ली में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के हमलों से संबंधित मामलों पर सुनवाई की। इस दौरान अदालत ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों पर कुत्तों के हमलों के मामलों में राज्य सरकारों से भारी मुआवजा दिलवाने का आदेश दिया जाएगा। अदालत ने यह भी कहा कि पिछले पांच वर्षों में नियमों को लागू करने में कोई प्रगति नहीं हुई है।
कुत्तों के हमलों की गंभीरता
जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा कि कुत्तों में एक विशेष प्रकार का वायरस होता है, जिसका कोई इलाज नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब कुत्ते एक छोटे बच्चे पर हमला करते हैं, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। अगली सुनवाई 20 जनवरी को दोपहर 2 बजे होगी।
खाना खिलाने वालों की जिम्मेदारी
कोर्ट ने यह भी कहा कि आवारा कुत्तों को खाना खिलाने वालों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यदि किसी को इन जानवरों से इतना प्यार है, तो उन्हें अपने घर क्यों नहीं ले जाते? अदालत ने यह स्पष्ट किया कि कुत्तों को सड़कों पर नहीं छोड़ना चाहिए।
इंसानों के लिए बहस की कमी
जस्टिस संदीप मेहता ने एक महिला वकील की दलील पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्या आप सच में ऐसा कह रही हैं? उन्होंने यह भी बताया कि सड़कों पर रहने वाले अनाथ बच्चों के आंकड़े दिखाए गए हैं। जस्टिस मेहता ने कहा कि उन्होंने 2011 के बाद से इतनी लंबी बहसें कभी नहीं सुनीं और इंसानों के लिए इतनी लंबी बहस नहीं हुई है।