सुप्रीम कोर्ट ने छात्र को नोटिस जारी करने पर नोएडा प्रशासन को फटकारा
सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने 20 वर्षीय कानून के छात्र को नोटिस जारी करने पर नोएडा प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है। यह छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में भाग लिया था और अपने साथियों को भी इसमें शामिल होने के लिए प्रेरित किया था। इसके बाद गौतम बुद्धनगर जिला प्रशासन ने छात्र को एक नोटिस भेजा। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एक मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी करने का अधिकार कैसे मिल सकता है?
नोटिस का विवरण
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के छात्र अक्षत त्रिपाठी को 4 सितंबर को एक मजिस्ट्रेट द्वारा नोटिस जारी किया गया था। यह नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 130 के तहत जारी किया गया था, जिसमें छात्र से पांच लाख रुपये का निजी मुचलका भरने की मांग की गई थी। हालांकि, एक दिन बाद इसे वापस ले लिया गया। छात्र अक्षत ने कहा कि वह प्रदर्शन में शांतिपूर्ण तरीके से शामिल हुआ था। वरिष्ठ अधिवक्ता बिस्वजीत भट्टाचार्य ने इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय में उठाया है। अब अदालत ने गौतम बुद्धनगर के कार्यकारी मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगा है।
नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई
नोटिस एक सितंबर के आदेश के खिलाफ
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता विश्वजीत भट्टाचार्य ने कहा कि भारत के छात्रों पर 'प्रयोग' किया जा रहा है। यह नोटिस सुप्रीम कोर्ट के एक सितंबर के आदेश के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि पहली नजर में अधिकारी अदालत की अवमानना के दोषी हैं। नोटिस वापस लेने के बावजूद उन्हें अवमानना से छूट नहीं दी जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट का स्पष्टीकरण मांगने का निर्णय
हम स्पष्टीकरण मांगेंगे: सुप्रीम कोर्ट
मुख्य न्यायाधीश ने वरिष्ठ अधिवक्ता विश्वजीत भट्टाचार्य की बातों से सहमति जताई। उन्होंने कहा, 'आप सही कह रहे हैं। हमारे युवाओं के खिलाफ कार्रवाई करने का कोई सवाल नहीं है। हमने स्पष्ट आदेश दिया था। हमें आश्चर्य है कि मजिस्ट्रेट ने नोटिस कैसे जारी किया, जबकि हमने पहले ही किसी भी छात्र के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। यह एक स्पष्ट आदेश था।' उन्होंने आगे कहा, 'हम स्पष्टीकरण मांगेंगे। उन्हें बताना होगा कि ऐसा क्यों किया गया।'