सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सुनवाई की
सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाई
नई दिल्ली में, पेपर लीक के खिलाफ छात्रों और युवाओं द्वारा किए गए प्रदर्शनों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना एक संवैधानिक अधिकार है, जिसे किसी भी स्थिति में छीनना नहीं चाहिए।
बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल प्रदर्शन या आंदोलन के कारण पुलिस की बर्बरता को सही नहीं ठहराया जा सकता। सुनवाई के दौरान, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले भी चिंता का विषय हैं और इस पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।
अब मंगलवार को इन सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की जाएगी। याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि पेपर लीक के खिलाफ और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों पर पुलिस ने अत्याचार किया।
दिल्ली हाई कोर्ट में भी इसी तरह की याचिका लंबित है। 22 जुलाई को, हाई कोर्ट ने 20 जुलाई को संसद तक हुए मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों पर सुनवाई की थी और केंद्र तथा दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा था। कोर्ट ने अधिकारियों को पुलिस कार्रवाई से संबंधित सभी आवश्यक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया, जिसमें सीसीटीवी फुटेज और अन्य स्रोतों से की गई वीडियोग्राफी शामिल है।