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सुप्रीम कोर्ट ने जगतार सिंह हवारा की जेल ट्रांसफर याचिका पर कड़ा रुख अपनाया

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा की जेल ट्रांसफर याचिका पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि वह हवारा को तिहाड़ जेल से पंजाब की किसी जेल में स्थानांतरित करने से पहले खुफिया ब्यूरो से जानकारी प्राप्त करे। इस मामले को 'बेहद संवेदनशील' मानते हुए, अदालत ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के पहलुओं पर ध्यान देने की आवश्यकता जताई। हवारा की मां की बीमारी का हवाला देते हुए वकील ने ट्रांसफर की मांग की, लेकिन अदालत ने भविष्य की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद तय की है।
 

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

नई दिल्ली: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बब्बर खालसा के आतंकवादी जगतार सिंह हवारा की जेल ट्रांसफर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया है कि वह हवारा को तिहाड़ जेल से पंजाब की किसी जेल में स्थानांतरित करने की अर्जी पर खुफिया ब्यूरो (IB) से जानकारी प्राप्त करे। अदालत ने इस मामले को 'बेहद संवेदनशील' बताते हुए कहा कि वह राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की सलाह के खिलाफ कोई निर्णय नहीं ले सकती।


सुरक्षा के मुद्दे पर सुनवाई

जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने कहा- 'यह संवेदनशील मामला'
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के पहलुओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दिल्ली सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भाटी ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि हवारा पहले भी बुड़ैल जेल ब्रेक कांड में शामिल रह चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदला गया था। सरकार ने गृह मंत्रालय की हाई-रिस्क कैदियों से संबंधित एडवाइजरी और पंजाब सरकार के हलफनामे का हवाला देते हुए कहा कि यदि हवारा को पंजाब भेजा गया, तो वहां कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है और उसके भागने का खतरा बढ़ जाएगा।


मां की बीमारी का हवाला

वकील ने दिया 82 वर्षीय मां की बीमारी का हवाला, अदालत ने चार हफ्ते बाद तय की सुनवाई
हवारा की ओर से वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने दलील दी कि बेअंत सिंह की हत्या 31 साल पहले हुई थी, जब हवारा केवल 21 वर्ष का था। उन्होंने कहा कि हवारा की 82 वर्षीय मां की तबीयत खराब है और वह केवल पंजाब की किसी हाई-सिक्योरिटी जेल में ट्रांसफर की मांग कर रहा है। इस पर बेंच ने कहा कि कट्टर विचारधारा के मामलों में भविष्य की घटनाओं का अनुमान लगाना कठिन होता है। पीठ ने कहा कि व्यक्ति बदल सकता है, लेकिन परिस्थितियाँ क्या होंगी, यह निश्चित नहीं है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद निर्धारित की है।


हवारा का आपराधिक इतिहास

1995 में हुआ था विस्फोट, बुड़ैल जेल तोड़कर फरार हो चुका है हवारा
यह ध्यान देने योग्य है कि 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में पंजाब सिविल सचिवालय के बाहर हुए बम धमाके में पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह सहित 16 अन्य लोगों की जान गई थी। इस मामले में सीबीआई अदालत ने हवारा को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया। हवारा 22 जनवरी 2004 को चंडीगढ़ की हाई-सिक्योरिटी बुड़ैल जेल से सुरंग खोदकर भाग गया था, जिसे लगभग एक साल बाद फिर से गिरफ्तार किया गया। दिल्ली और पंजाब दोनों सरकारें सुरक्षा कारणों से उसे तिहाड़ जेल में रखने के पक्ष में हैं।