सुप्रीम कोर्ट ने नीट री-एग्जाम को पेन-पेपर मोड में कराने का किया फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने नीट री-एग्जाम को पेन-पेपर मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया है, जबकि कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए की गई याचिका को खारिज कर दिया गया। यह फैसला 21 जून को होने वाली परीक्षा के संदर्भ में है, जो पहले पेपर लीक के कारण रद्द की गई थी। कोर्ट ने याचिका में सुधार की मांगों पर भी चर्चा की, जिसमें एक स्वतंत्र परीक्षा प्राधिकरण की स्थापना और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार शामिल हैं।
Jun 1, 2026, 16:29 IST
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए की गई याचिका को किया खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने 21 जून को होने वाले नीट री-एग्जाम को पेन-पेपर मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया है। कोर्ट ने आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए की गई मांग को अस्वीकार कर दिया।
याचिकाकर्ता के वकील ने नीट की परीक्षा को सीबीटी मोड में कराने का अनुरोध किया था, जिसे कोर्ट ने ठुकरा दिया। मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी। उल्लेखनीय है कि 3 मई को देशभर में नीट-यूजी परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन 7 मई को पेपर लीक की घटना के बाद 12 मई को परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। अब 21 जून को री-एग्जाम होगा।
याचिका में सुधार की मांग
- एटीए के स्थान पर एक स्वतंत्र वैधानिक राष्ट्रीय परीक्षा प्राधिकरण की स्थापना की जाए। इसके साथ ही पूर्व आईएसआरओ प्रमुख के राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू किया जाए। बायोमेट्रिक सत्यापन, एआई आधारित निगरानी, एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्रश्नपत्र प्रणाली और प्रश्नपत्रों को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने के उपायों को अपनाया जाए।
- नीट को पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित परीक्षा में परिवर्तित करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया जाए। परीक्षा केंद्रों की संरचना, साइबर सुरक्षा और डिजिटल परीक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की स्थिति रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की जाए। साथ ही परीक्षा परिणाम को केंद्रवार सार्वजनिक करने का सुझाव दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता का पता लगाया जा सके।