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सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची पुनरीक्षण मामले में याचिकाकर्ताओं को दिया 10 दिन का समय

सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामले में याचिकाकर्ताओं को चुनाव आयोग के हलफनामे पर प्रतिक्रिया देने के लिए 10 दिन का समय दिया है। इस दौरान, तृणमूल कांग्रेस की सांसद डोला सेन की नई याचिका पर भी नोटिस जारी किया गया है। चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया का बचाव करते हुए 248 पन्नों का हलफनामा पेश किया है। इस मामले में फॉर्म-6 के उपयोग और प्रक्रिया की वैधता पर चर्चा की जाएगी। जानें इस मामले की सभी महत्वपूर्ण जानकारी।
 

सुप्रीम कोर्ट की ताजा सुनवाई


हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामले में याचिकाकर्ताओं को चुनाव आयोग के हलफनामे पर प्रतिक्रिया देने के लिए 10 दिन का समय दिया है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान, अदालत ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद डोला सेन द्वारा दायर नई याचिका पर भी चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया। इस मामले में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। फिलहाल, अदालत का अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है।


10 दिन का समय दिया गया

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने बताया कि चुनाव आयोग का जवाबी हलफनामा सुनवाई से एक रात पहले ही प्राप्त हुआ था। ऐसे में दस्तावेजों का अध्ययन करने और अपना पक्ष तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता थी। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ताओं को 10 दिन का समय दिया है, ताकि वे चुनाव आयोग के तर्कों पर अपना जवाब प्रस्तुत कर सकें।


चुनाव आयोग का हलफनामा

चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में 248 पन्नों का हलफनामा पेश कर SIR प्रक्रिया का बचाव किया है। आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया से संबंधित निर्णय तीनों निर्वाचन आयुक्तों ने सहमति से लिए थे। आयोग ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर एकतरफा निर्णय लेने के आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि सभी आदेश निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी किए गए थे। आयोग ने अदालत से याचिकाओं को खारिज करने की भी मांग की है।


फॉर्म-6 विवाद

फॉर्म-6 का उपयोग नए मतदाता के रूप में नाम दर्ज कराने के लिए किया जाता है। SIR प्रक्रिया के दौरान इस फॉर्म के साथ अतिरिक्त घोषणा-पत्र जोड़ने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है। याचिकाकर्ताओं ने यह सवाल उठाया है कि क्या इस प्रक्रिया में नियमों का पालन किया गया। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि वैधानिक फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया था, और SIR के लिए अलग घोषणा-पत्र जोड़ा गया था। अदालत को दोनों पक्षों के तर्कों और दस्तावेजों पर विचार करना है।


डोला सेन की याचिका पर नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद डोला सेन की नई याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में भी SIR प्रक्रिया और फॉर्म-6 से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं के जवाब दाखिल करने के बाद, सुप्रीम कोर्ट मामले की आगे सुनवाई करेगा, जिसमें SIR प्रक्रिया की वैधता, फॉर्म-6 से जुड़े विवाद और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर चर्चा की जा सकती है।