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सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को ईडी के कार्य में हस्तक्षेप न करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी की सरकार को ईडी के कार्य में हस्तक्षेप न करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगाते हुए सरकार से दो हफ्तों में जवाब मांगा है। इस मामले में कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिनका उत्तर न मिलने पर अराजकता फैलने की आशंका है। ईडी ने अपनी दलील में कहा कि रेड के दौरान मुख्यमंत्री ने सबूत अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
 

कोर्ट ने जांच एजेंसी के खिलाफ एफआईआर पर रोक लगाई


नई दिल्ली: कोलकाता में आईपीएसी रेड मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को हुई। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार को ईडी के कार्य में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। कोर्ट ने 3 फरवरी को अगली सुनवाई तक ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही, कोर्ट ने ईडी की याचिका पर बंगाल सरकार को नोटिस भी जारी किया है।


कोर्ट ने ममता सरकार से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी की सरकार से दो हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है और कहा कि केंद्रीय एजेंसी के आरोप गंभीर हैं। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कुछ महत्वपूर्ण सवाल हैं, जिनका उत्तर न मिलने पर अराजकता फैल सकती है। यदि केंद्रीय एजेंसियां गंभीर अपराधों की जांच कर रही हैं, तो क्या उन्हें राजनीतिक हस्तक्षेप से रोका जा सकता है?


ईडी ने पेश की अपनी दलीलें


  • ईडी ने कहा कि रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंचीं और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेज अपने साथ ले गईं। उनके साथ बंगाल के डीजीपी भी थे, जिन्होंने पुलिस टीम के साथ मिलकर ईडी अधिकारियों के मोबाइल फोन छीन लिए।

  • ईडी ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट में हुई सुनवाई से वे संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि सुनवाई के दौरान बार-बार माइक बंद हो रहा था और कोर्ट में भीड़ इकट्ठा करने के लिए बसों और गाड़ियों की व्यवस्था की गई थी।

  • ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में अपने अधिकारों की सुरक्षा की मांग की है और कहा कि उन्हें धमकियां दी गई थीं। वे चाहते हैं कि सीबीआई मामले की जांच करे, ताकि इसे राज्य से बाहर ट्रांसफर किया जा सके।


ईडी ने 8 जनवरी को की थी रेड

यह ध्यान देने योग्य है कि ईडी ने 8 जनवरी को तृणमूल कांग्रेस के आईटी प्रमुख और राजनीतिक परामर्श फर्म (आईपीएसी) के निदेशक प्रतीक जैन के घर और संबंधित ठिकानों पर छापा मारा था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां मौजूद थीं और सबूत अपने साथ ले गईं।