सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन की याचिका को किया खारिज
राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर मीनाक्षी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। शुक्रवार को कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि इस मामले में सीधे रिट याचिका पर सुनवाई नहीं की जा सकती। यदि उन्हें निर्णय पर आपत्ति है, तो उन्हें चुनाव याचिका दायर करनी चाहिए।
मीनाक्षी नटराजन को मध्य प्रदेश की तीसरी सीट के लिए कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया था। कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या बल था, लेकिन 9 जून को उनका नामांकन फॉर्म निरस्त कर दिया गया। इसके खिलाफ कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका खारिज होने के बाद मीनाक्षी ने कहा कि पहले वोट चोरी होती थी, अब सीट चोरी हो गई।
चुनाव याचिका के माध्यम से चुनौती दे सकती हैं मीनाक्षी
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 329 चुनाव प्रक्रिया में अदालतों के हस्तक्षेप को सीमित करता है। इसलिए, इस मामले में रिट पिटीशन पर सुनवाई संभव नहीं है। कोर्ट ने कहा कि चुनाव से जुड़े विवादों का समाधान चुनाव याचिका के माध्यम से किया जाना चाहिए। मीनाक्षी चाहें तो चुनाव याचिका दाखिल कर इस निर्णय को चुनौती दे सकती हैं।
नामांकन पत्र में केस की जानकारी नहीं देने का आरोप
कांग्रेस के पास मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए पर्याप्त संख्या बल था, लेकिन 9 जून को भाजपा ने आपत्ति जताई कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने खिलाफ दर्ज एक केस की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी।
इस पर रिटर्निंग अधिकारी अरविंद शर्मा ने मीनाक्षी का नामांकन निरस्त कर दिया। इसके बाद 11 जून को भाजपा के उम्मीदवारों को निर्विरोध चुने जाने का सर्टिफिकेट दे दिया गया।
मीनाक्षी का कहना, केवल एक लीगल नोटिस है
कांग्रेस ने शुक्रवार को दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की। मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि उनके खिलाफ केवल एक लीगल नोटिस है, जिसकी जानकारी उन्होंने ईसीआई मेमोरेंडम में दी है। उन्होंने कहा कि फार्म 26 में ऐसा कोई कॉलम नहीं है जिसमें प्राइवेट कम्पलेंट की सूचना देने का प्रावधान हो।
चुनाव आयोग पर गलत जानकारी देने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जब किसी ने रिटर्निंग अधिकारी से पूछा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें नौकरी करनी है। रिटर्निंग अधिकारी ने माना कि उसने दबाव में गलती की है। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में गलत जानकारी दी है। यह स्पष्ट है कि आयोग लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है।
कांग्रेस विधायकों का राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च
दिल्ली पहुंचे मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायकों ने राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। जब कांग्रेस नेता बैरिकेड पर चढ़ गए, तो पुलिस के साथ उनकी झड़प हो गई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया, लेकिन बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।