सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल विस्टा लाइब्रेरी के भविष्य पर उठाए सवाल, शास्त्री भवन के विध्वंस की चिंता
सेंट्रल विस्टा लाइब्रेरी का भविष्य अधर में
नई दिल्ली: 132 साल पुरानी एक महत्वपूर्ण लाइब्रेरी का भविष्य अब अनिश्चितता में है, और इस मुद्दे ने सुप्रीम कोर्ट का ध्यान आकर्षित किया है। सेंट्रल विस्टा लाइब्रेरी से संबंधित मीडिया रिपोर्टों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए, सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई सोमवार के लिए निर्धारित की है। मुख्य प्रश्न यह है कि शास्त्री भवन के ध्वस्त होने के बाद लाखों किताबों और प्राचीन दस्तावेजों को कहां सुरक्षित रखा जाएगा।
सेंट्रल विस्टा लाइब्रेरी लंबे समय से सरकारी दस्तावेजों और पुस्तकों के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र रही है। रिपोर्टों के अनुसार, यहां लगभग 8.5 लाख किताबें मौजूद हैं, जो इस लाइब्रेरी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को और बढ़ाती हैं।
शास्त्री भवन के विध्वंस से उत्पन्न विवाद
वास्तव में, शास्त्री भवन को तोड़ने की योजना पहले से ही बनाई जा चुकी है, जिसके कारण लाइब्रेरी के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि इतनी बड़ी संख्या में किताबों और दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से दूसरी जगह कैसे स्थानांतरित किया जाएगा। इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था, जिसमें संस्कृति मंत्रालय ने इस स्थानांतरण को लेकर अपनी चिंताओं का इजहार किया था।
सरकार का दावा: नई योजना में स्थान निर्धारित
इस पूरे विवाद पर आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट किया कि सेंट्रल विस्टा योजना में लाइब्रेरी के लिए पहले से स्थान निर्धारित किया गया है। फिर भी, यह सवाल बना हुआ है कि मौजूदा लाइब्रेरी को कब और किस प्रकार नए स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा, और इस प्रक्रिया में लाखों किताबों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।
अब सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया रिपोर्टों में उठाई गई चिंताओं पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई का निर्णय लिया है। अदालत यह जांचेगी कि लाइब्रेरी के संरक्षण के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। शास्त्री भवन के प्रस्तावित विध्वंस से पहले इन दस्तावेजों के सुरक्षित स्थानांतरण के लिए स्पष्टता आवश्यक मानी जा रही है।
सोमवार को जवाब मांगा जा सकता है
सुप्रीम कोर्ट सोमवार की सुनवाई में केंद्र सरकार और CPWD से 8.5 लाख से अधिक किताबों और पुराने रिकॉर्ड की सुरक्षा के लिए विस्तृत योजना मांग सकता है। अदालत शास्त्री भवन के ध्वंस के दौरान लाइब्रेरी के अस्थायी ठिकाने और नए स्थायी परिसर के लिए स्पष्ट समयसीमा भी पूछ सकती है। केंद्रीय आवास मंत्रालय के अनुसार, नए सेंट्रल विस्टा योजना में लाइब्रेरी के लिए स्थान निर्धारित है और निर्माण कार्य जारी है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ करेगी।