☰
×

सुप्रीम कोर्ट में INDIA ब्लॉक की याचिका पर सुनवाई, CEC ज्ञानेश कुमार पर उठे सवाल

15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई होने की संभावना है। याचिका में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। जानें इस याचिका में क्या सवाल उठाए गए हैं और सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने किन खामियों की पहचान की है।
 

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सुनवाई


15 अक्टूबर को, सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई होने की उम्मीद है। यह याचिका चुनाव आयोग के कार्यों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित अनियमितताओं के आरोपों पर आधारित है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं ने अदालत से मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है।


याचिका में 11 विपक्षी नेताओं का हस्तक्षेप

राहुल गांधी और अन्य INDIA ब्लॉक के नेताओं ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में याचिका प्रस्तुत की। इसमें चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और CEC ज्ञानेश कुमार के कुछ निर्णयों की जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग में कई महत्वपूर्ण निर्णय एकतरफा तरीके से लिए गए। उन्होंने अदालत से संबंधित दस्तावेज, बैठक के रिकॉर्ड और निर्णयों से जुड़ी टिप्पणियों की मांग की है। याचिका में चुनाव आयोग, ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों को पक्षकार बनाया गया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाता सूची में संशोधन के दौरान योग्य मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए।


SIR प्रक्रिया पर उठाए गए सवाल

INDIA ब्लॉक की याचिका में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर भी सवाल उठाए गए हैं। विपक्षी नेताओं ने इस प्रक्रिया में अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने और संबंधित निर्णयों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। याचिका में यह भी कहा गया है कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान के निर्णय सामूहिक प्रक्रिया और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुरूप होने चाहिए। विपक्ष ने संबंधित निर्णयों के रिकॉर्ड अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने की मांग की है।


सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री द्वारा खामियों की पहचान

इस मामले की सुनवाई से पहले, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने याचिका में 14 प्रक्रियागत खामियों की पहचान की थी। इनमें कुछ दस्तावेजों की अस्पष्ट प्रतियां, नौ याचिकाकर्ताओं के वकालतनामे और कोर्ट फीस से संबंधित आपत्तियां शामिल थीं। इन खामियों के कारण याचिका पर मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी थी। याचिकाकर्ताओं की कानूनी टीम ने आपत्तियों को दूर करने के बाद मामले को जल्द सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ याचिकाओं की सुनवाई को 15 अक्टूबर तक टाल दिया था।