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सुप्रीम कोर्ट में आसाराम की याचिका पर सुनवाई, एम्स ने दी स्वास्थ्य रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में आसाराम की याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें एम्स ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति की रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में बताया गया कि उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन 24 घंटे देखभाल की सिफारिश की गई है। आसाराम ने अपनी उम्रकैद की सजा पर रोक लगाने की मांग की है, लेकिन सुनवाई टल गई है। यह मामला 2013 का है, जब एक नाबालिग छात्रा ने आसाराम पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।
 

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का महत्व

नई दिल्ली: दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे स्वयंभू संत आसाराम की याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस दौरान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने अदालत में अपनी विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में बताया गया है कि आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की तत्काल आवश्यकता नहीं है। हालांकि, उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए 24 घंटे प्रशिक्षित देखभाल करने वालों की मदद की सिफारिश की गई है।


एम्स की रिपोर्ट में स्वास्थ्य समस्याओं का विवरण

एम्स की रिपोर्ट में गंभीर बीमारियों का उल्लेख

सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई इस रिपोर्ट में आसाराम की कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, आसाराम को कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसी दिल की गंभीर बीमारी है। इसके अलावा, उसे ऑस्टियोपोरोसिस, लंबे समय से सोडियम की कमी (क्रॉनिक हाइपोनेट्रेमिया) और थैलेसीमिया जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों ने यह भी पाया है कि उसे बार-बार पेट से संबंधित गंभीर समस्याएं होती हैं और उसके शरीर में खून की कमी है।


सजा पर रोक की मांग और सुनवाई की अगली तारीख

सजा पर रोक की मांग, सुनवाई टली

आसाराम ने राजस्थान हाई कोर्ट के उस निर्णय को चुनौती दी है, जिसमें उसकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने मामले की सुनवाई की। हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई अब गुरुवार के लिए टाल दी गई है।


हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली

हाई कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

यह ध्यान देने योग्य है कि मई में राजस्थान हाई कोर्ट ने आसाराम को बड़ा झटका दिया था। कोर्ट ने गैंगरेप के चार्ज तो हटा दिए थे, लेकिन उसकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखते हुए उसे तुरंत सरेंडर करने का आदेश दिया था। यह मामला 2013 का है, जब उत्तर प्रदेश की एक नाबालिग छात्रा ने जोधपुर स्थित आश्रम में यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया था। इस मामले ने पूरे देश में हलचल मचा दी थी, जिसके बाद जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने 25 अप्रैल 2018 को आसाराम को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।