सुप्रीम कोर्ट में नीट पेपर लीक प्रोटेस्ट पर सुनवाई, पुलिस कार्रवाई पर फैसला संभव
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर नजरें
सुप्रीम कोर्ट में नीट पेपर लीक प्रोटेस्ट पर सुनवाई: नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया था। इस मामले में दायर याचिकाओं पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है। सभी की नजरें इस सुनवाई पर हैं, क्योंकि पिछली बार कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सख्त टिप्पणियां की थीं और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया था। अदालत यह तय कर सकती है कि मामले की जांच कैसे आगे बढ़ेगी और क्या विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई को राज्यों को निर्देश दिया था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। अदालत ने विशेष रूप से कहा था कि 18 वर्ष से कम उम्र के उन प्रदर्शनकारियों को रिहा किया जाए जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच आवश्यक है। यदि प्रदर्शन के दौरान किसी ने कानून का उल्लंघन किया है या पुलिस द्वारा ज्यादती हुई है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
SIT गठन पर संभावित निर्णय
पिछली सुनवाई में, सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया था कि वह मामले की जांच के लिए किसी पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर सकता है। कोर्ट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से हो और छात्रों, प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी पहलुओं की सही तरीके से जांच की जा सके। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन के दौरान कानून तोड़ने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज का तबादला
इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट की जज अनु ग्रोवर बालीगा समेत 137 न्यायाधीशों के तबादले का आदेश दिया है। जज बालीगा ने 25 जुलाई को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का कार्यभार संभाला था और एक सप्ताह के भीतर उनका तबादला कर दिया गया। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, जज अनु ग्रोवर बालीगा को एनआईए अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालत में भेजा गया है। वहीं, पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे विशेष जज अजय गुप्ता को दोबारा इन मामलों की जिम्मेदारी दी गई है।