सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति
न्यायाधीशों की नई नियुक्तियाँ
नई दिल्ली - सुप्रीम कोर्ट में हाल ही में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता में कॉलेजियम ने इन न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश राष्ट्रपति को भेजी थी। इनमें चार विभिन्न उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और एक वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इन नियुक्तियों को स्वीकृति प्रदान की है।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस संबंध में जानकारी साझा की। उन्होंने एक्स पर लिखा, "भारत के संविधान के अनुच्छेद 124 के खंड (2) के तहत राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद न्यायमूर्ति शील नागू (पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट), न्यायमूर्ति चंद्रशेखर (बॉम्बे हाईकोर्ट), न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा (मध्य प्रदेश हाईकोर्ट), न्यायमूर्ति अरुण पल्ली (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट) और वरिष्ठ अधिवक्ता वी. सुब्रमणि मोहना को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया है। मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं।"
वी. सुब्रमणि मोहना उन कुछ व्यक्तियों में से हैं, जिन्होंने वकालत से सीधे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बनने का सफर तय किया है। उनका जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ था, जिसका कानून से कोई संबंध नहीं था। 1983 में जब भारत में पहली बार पांच वर्षीय एकीकृत विधि पाठ्यक्रम की शुरुआत हुई, तब उन्होंने कोयंबटूर के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज के पहले बैच में दाखिला लिया था। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। सरकार संसद के अगले सत्र में इस संबंध में विधेयक पेश करेगी। मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद 1956 के संबंधित कानून में संशोधन किया जाएगा। संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का अधिकार संसद के पास है। कानून लागू होने के बाद रिक्त पदों को भरने के लिए कॉलेजियम नए नामों की सिफारिश कर सकेगा।