सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हंगामा, याचिकाकर्ता ने फाड़े फाइलें
सुप्रीम कोर्ट में अजीबोगरीब घटना
सुप्रीम कोर्ट में एक व्यक्ति ने सुनवाई के दौरान अचानक फाइलों के पन्ने फाड़कर फेंक दिए और मुख्य न्यायाधीश को अपशब्द कहे। यह घटना उस समय हुई जब अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। जब जज ने उसके पक्ष में निर्णय नहीं दिया, तो उसने गुस्से में आकर फाइलें फेंक दीं और जजों को गालियाँ देने लगा।
बेंच की सुनवाई
यह सुनवाई जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच द्वारा की जा रही थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई। उसने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173 (4) के तहत व्यक्तिगत सुनवाई की मांग की थी। जब कोर्ट ने सुनवाई की तारीख निर्धारित की, तो वह भड़क गया।
याचिकाकर्ता का अजीब व्यवहार
याचिकाकर्ता ने बेंच से कहा, 'मिस्टर ज्यूडिशियल सर्वेंट, मैं तुम्हें आदेश देता हूं कि एसीपी विकास नगर लखनऊ के खिलाफ केस दर्ज करो।'
जस्टिस विश्वनाथन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पूछा, 'क्या आप मुझे आदेश दे रहे हैं?'
जजों की शांति
याचिकाकर्ता ने अचानक बिना किसी उकसावे के कोर्ट में पेपर फेंकना शुरू कर दिया। उसने मुख्य न्यायाधीश को गालियाँ दीं और पेपर फाड़कर फेंक दिए। सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़कर बाहर निकाला। इस दौरान बेंच पर मौजूद जज शांत रहे और न तो गुस्सा दिखाया और न ही उसे गिरफ्तार करने का आदेश दिया। कोर्ट की प्रक्रिया सामान्य रूप से चलती रही।
पिछले मामलों की याद
6 अक्टूबर 2025 को भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जब एक वकील ने पूर्व CJI बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की थी। सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा अधिकारियों ने उसे कोर्ट परिसर से बाहर निकाला था। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने वकील का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। हालांकि, बीआर गवई ने बाद में कहा था कि आरोपी वकील के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए।