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सूडान में ड्रोन हमले से 112 की मौत, हिंसा की स्थिति गंभीर

सूडान में जारी गृह युद्ध के बीच एक भीड़भाड़ वाले बाजार पर ड्रोन हमले में 112 लोगों की जान चली गई। इस हमले ने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जानें इस हमले के पीछे की वजह और सूडान में बढ़ती हिंसा के बारे में।
 

सूडान में बढ़ती हिंसा

खार्तूम: सूडान में चल रहे गृह युद्ध के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। सोमवार शाम को दक्षिण दारफुर प्रांत के न्याला शहर में एक व्यस्त बाजार पर ड्रोन से हमला हुआ, जिसमें कम से कम 112 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए। इस हमले के समय बाजार में नागरिक खरीदारी और नाश्ता कर रहे थे।


हमले की जानकारी

मानवाधिकार संगठन 'इमरजेंसी लॉयर्स' ने मंगलवार को एक बयान जारी कर बताया कि यह हमला न्याला के डुमाया क्षेत्र में स्थित 'तनकोंग बाजार' पर हुआ। संगठन के अनुसार, इस हमले में 100 से अधिक लोगों की मौत हुई और 113 लोग घायल हुए।


आरएसएफ का आरोप

न्याला शहर पर अर्धसैनिक संगठन 'रैपिड सपोर्ट फोर्सेज' (आरएसएफ) का नियंत्रण है, जिसने इस हमले के लिए सूडानी सेना को जिम्मेदार ठहराया है और स्वतंत्र जांच की मांग की है।


चिकित्सा सहायता

अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा संगठन 'डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' (एमएसएफ) के अनुसार, उनके अस्पताल में हमले के बाद 36 शव लाए गए और आपातकालीन कक्ष में 150 घायलों का इलाज किया गया। विभिन्न संगठनों और गवाहों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों में भिन्नता है, लेकिन सभी रिपोर्टें हमले में भारी जनहानि की ओर इशारा करती हैं।


चश्मदीदों की गवाही

दारफुर विक्टिम्स ऑर्गनाइजेशन के कार्यकारी निदेशक एडम मूसा ओबामा ने बताया कि चश्मदीदों के अनुसार, सेना से जुड़े ड्रोन ने उस समय बाजार को निशाना बनाया, जब वहां आम नागरिक मौजूद थे। उनके संगठन ने नागरिकों की मौतों का दस्तावेजीकरण भी किया है, हालांकि महिलाओं और बच्चों की संख्या को लेकर आंकड़ों में भिन्नता है।


सुरक्षा की चिंता

सूडान में जारी गृह युद्ध के दौरान ड्रोन हमले आम नागरिकों के लिए एक गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। सूडानी सशस्त्र बल (एसएएफ) और आरएसएफ दोनों ही विस्फोटकों से लैस ड्रोन का उपयोग कर रहे हैं। इन हमलों के कारण बाजारों और अन्य नागरिक स्थलों पर मरने वालों और घायलों की संख्या में वृद्धि की आशंका है।


पिछले हमले की जानकारी

पिछले सप्ताह सूडानी सेना पर विवादित अब्येई क्षेत्र के एक बाजार को ड्रोन से निशाना बनाने का आरोप लगा था, जिसमें 150 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। ऐसी घटनाओं ने सूडान में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।