☰
×

सैलानियों की भारी भीड़ ने पहाड़ों में मचाई हलचल, नैनीताल में होटल भरे

गांधी जयंती के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टियों के चलते लाखों पर्यटक पहाड़ों की ओर बढ़ गए, जिससे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर व्यवस्थाएं चरमरा गईं। नैनीताल में होटल फुल हो गए और पर्यटक रात भर बस अड्डे पर बिताने को मजबूर हुए। शिमला में भी ट्रैफिक व्यवस्था ठप हो गई, जहां 24 घंटे में 17 हजार से अधिक गाड़ियां दाखिल हुईं। इस वीकेंड ने पर्यटन कारोबार को नई संजीवनी दी, लेकिन बुनियादी ढांचे की सीमाओं को भी उजागर किया।
 

वीकेंड पर सैलानियों की बाढ़

देहरादून/शिमला: गांधी जयंती के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टियों के कारण लाखों पर्यटक मैदानी इलाकों से पहाड़ों की ओर बढ़ गए। इस वजह से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमरा गईं। नैनीताल में स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सभी होटल, होमस्टे और गेस्ट हाउस फुल हो गए। पर्यटक देर रात तक अपने परिवारों और सामान के साथ कमरों की तलाश में सड़कों पर भटकते रहे, और अंततः कई को कड़ाके की ठंड में बस अड्डे पर रात बितानी पड़ी। वहीं, शिमला, मनाली और बद्रीनाथ यात्रा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।


नैनीताल में 12 हजार सैलानियों की आमद

नैनीताल में 12 हजार सैलानियों की आमद, कैंची धाम तक लगा भीषण जाम
नैनीताल में वीकेंड पर लगभग 12 हजार पर्यटक पहुंचे, जिससे पहाड़ी सड़कों की क्षमता जवाब दे गई। भवाली से कैंची धाम, गरमपानी और खैरना तक गाड़ियां रेंगती रहीं। शहर के भीतर हल्द्वानी रोड, भवाली रोड, मालरोड और शेरवानी मार्ग पर घंटों जाम लगा रहा। कमरों की भारी कमी के कारण रात 1 बजे तक सैलानी मॉलरोड पर परेशान घूमते रहे। इसके बावजूद, दिन के समय नैनी झील में नौकायन, चिड़ियाघर और हिमालय दर्शन जैसे स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ बनी रही।


शिमला में ट्रैफिक की समस्या

शिमला में 3 किमी चलने में लगा 1 घंटा
हिमाचल की राजधानी शिमला में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से आए पर्यटकों के वाहनों ने ट्रैफिक व्यवस्था को ठप कर दिया। शिमला की सभी प्रमुख बहुमंजिला पार्किंग फुल हो गईं, जिससे पर्यटकों को सड़क किनारे जगह तलाशने में कठिनाई हुई। तारादेवी से शिमला के बीच 3 किलोमीटर का सफर तय करने में चालकों को एक घंटे से अधिक का समय लगा। शिमला के डीएसपी ट्रैफिक चंद्र शेखर ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 17 हजार से अधिक गाड़ियां शहर में दाखिल हुईं, जिनमें 7 हजार से ज्यादा केवल पर्यटकों के वाहन थे। यातायात को नियंत्रित करने के लिए सड़कों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।


बद्रीनाथ रूट पर जाम

बद्रीनाथ रूट पर 9 किमी लंबा जाम
चारधाम यात्रा के तहत बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब जाने वाले तीर्थयात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जोशीमठ से विष्णुप्रयाग के बीच 7 से 9 किलोमीटर के दायरे में भीषण जाम लगा रहा, जिससे आधे घंटे का सफर तय करने में 3 घंटे लग गए। सड़क चौड़ीकरण के अधूरे काम और सीमित मार्ग के कारण बुजुर्गों और महिलाओं से भरी गाड़ियां घंटों फंसी रहीं। कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर भी कई किलोमीटर लंबी कतारों के चलते 4 घंटे का सफर दोगुने समय में पूरा हुआ।


पर्यटन कारोबार में वृद्धि

पर्यटन कारोबार चमका, लेकिन सीमित बुनियादी ढांचे की खुली पोल
लंबे वीकेंड ने पहाड़ी राज्यों के होटल, रेस्तरां, टैक्सी और स्थानीय हस्तशिल्प कारोबार को नई संजीवनी दी है, लेकिन इसके साथ ही हिल स्टेशनों की भार क्षमता और सीमित बुनियादी ढांचे की सीमाओं को भी उजागर कर दिया है। ट्रैफिक जाम और ठहरने की समस्याओं से जूझते सैलानियों के लिए यह सफर किसी चुनौती से कम नहीं था।