सोनम वांगचुक का नया आंदोलन: लद्दाख के मुद्दों पर सरकार को दी चेतावनी
सोनम वांगचुक का आंदोलन का ऐलान
शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार लद्दाख से संबंधित मुद्दों पर एक सप्ताह के भीतर ठोस आश्वासन नहीं देती, तो वे 19 से 24 सितंबर के बीच एक नया आंदोलन शुरू करेंगे। यह निर्णय नई दिल्ली में लद्दाख के प्रमुख प्रतिनिधियों और गृह मंत्रालय की उप-समिति के बीच हुई वार्ता में सकारात्मक परिणाम न निकलने के बाद लिया गया है।
गृह मंत्रालय की बैठक पर वांगचुक की असहमति
लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित बैठक पर वांगचुक ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) की ओर से कहा कि बातचीत में कोई नई बात नहीं आई। इस कारण कारगिल से लेह तक प्रस्तावित पदयात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है, जिसे वार्ता विफल होने पर फिर से शुरू किया जाएगा।
वांगचुक की पूर्व में हुई गिरफ्तारी
पिछले वर्ष सितंबर में लद्दाख में स्वायत्तता की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। उन्होंने जोधपुर जेल में छह महीने बिताए थे। मार्च 2026 में रिहा होने के बाद, उन्होंने नीट (NEET) परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के समर्थन में जून में 26 दिनों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी की थी।
सरकार से स्पष्ट मसौदे की मांग
वांगचुक और लेह एपेक्स बॉडी की मांग है कि सरकार प्रस्तावित लद्दाख विधानसभा के अधिकारों और शक्तियों पर एक विस्तृत मसौदा प्रस्तुत करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि लद्दाख के लोगों के साथ भेदभाव जारी रहा, तो वे बड़े पैमाने पर देशव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।