सोनम वांगचुक का वायरल अस्पताल वीडियो: सफदरजंग अस्पताल की सफाई
सोनम वांगचुक अस्पताल विवाद
सोनम वांगचुक, जो जंतर-मंतर पर छात्रों के मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे थे, को 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने जबरन उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कर दिया। बाद में, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर उन्हें मेदांता अस्पताल भेजा गया। वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी, लेकिन अब उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह सफदरजंग अस्पताल के कर्मचारियों और एक पुलिस अधिकारी के साथ तीखी बहस करते हुए नजर आ रहे हैं। वह अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति मांगते हैं और कहते हैं कि अगर उन्हें रोका जा रहा है, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए। इस वीडियो के सामने आने के बाद सफदरजंग अस्पताल ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है।
सफदरजंग अस्पताल में क्या हुआ?
यह वायरल वीडियो 21 जुलाई 2026 का है, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने वांगचुक को उनकी पसंद के अस्पताल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। उन्हें पहले 18 जुलाई को जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने पर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वीडियो में वांगचुक नाराज नजर आ रहे हैं और कहते हैं कि अगर प्रशासन उन्हें जाने नहीं देता, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए। वह यह भी आरोप लगाते हैं कि उन्हें अनावश्यक रूप से अस्पताल में रोका जा रहा है, जिससे उनका मानसिक तनाव बढ़ रहा है।
सोनम की पत्नी ने उठाए सवाल
वीडियो में वांगचुक की पत्नी, गीतांजलि आंग्मो, भी पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाती हैं। उन्होंने पुलिस से पूछा कि क्या उन्हें लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद, वांगचुक अस्पताल के कमरे से बाहर निकलते हुए दिखाई देते हैं। यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है, और वांगचुक तथा उनके समर्थक अस्पताल में उनके साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं।
सफदरजंग अस्पताल का स्पष्टीकरण
सफदरजंग अस्पताल ने वायरल वीडियो पर स्पष्टीकरण जारी किया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यह वीडियो 21 जुलाई को उस हिस्से में रिकॉर्ड किया गया था, जहां वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति नहीं है। अस्पताल का कहना है कि वीडियो उस समय का है जब दिल्ली हाईकोर्ट का लिखित आदेश अस्पताल को प्राप्त नहीं हुआ था। जैसे ही आदेश प्राप्त हुआ, वांगचुक को शाम 6:40 बजे मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों को सौंप दिया गया।
वांगचुक के गंभीर आरोप
सोनम वांगचुक ने 26 दिनों की भूख हड़ताल के बाद आरोप लगाया कि सफदरजंग अस्पताल में उनके साथ कैदी जैसा व्यवहार किया गया। उनके समर्थकों में गुस्सा है और लोग सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सभी प्रक्रियाएं अदालत के निर्देशों और चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार अपनाई गईं।