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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 17वां दिन: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग जारी

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल आज 17वें दिन में प्रवेश कर गई है। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनकी सेहत चिंताजनक है, और प्रदर्शन में कई शिक्षकों और छात्रों का समर्थन मिल रहा है। जानें इस आंदोलन के पीछे की वजह और वांगचुक की मुख्य मांगें।
 

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल आज 17वें दिन में प्रवेश कर गई है। 28 जून से वह अनशन पर हैं, जिसमें वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है, क्योंकि डॉक्टरों की निगरानी में उनका वजन तेजी से घट रहा है और ब्लड शुगर का स्तर भी सामान्य से कम हो गया है।


आंदोलन का संदर्भ

सोनम वांगचुक का यह विरोध प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा शुरू किए गए आंदोलन का हिस्सा है। यह आंदोलन नीट पेपर लीक और सीबीएसई से संबंधित लापरवाहियों के बाद शुरू हुआ है, और अब अनिश्चितकालीन प्रदर्शन जारी है। वांगचुक और CJP ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग करते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।


स्वास्थ्य की स्थिति

अनशन के 17वें दिन तक सोनम वांगचुक की सेहत काफी खराब बताई जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के 16वें दिन तक उनका वजन 8.2 किलोग्राम कम हो चुका है और ब्लड शुगर का स्तर लगभग 67 mg/dL तक गिर गया है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन वांगचुक ने कहा है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, वह अनशन खत्म नहीं करेंगे।


प्रदर्शन की स्थिति

दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के बावजूद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बारिश से बचाव के लिए तिरपाल लगाने को लेकर प्रशासन के साथ विवाद हुआ है। एक वीडियो में प्रदर्शनकारी अभिजीत दिपके पुलिस से भिड़ते हुए नजर आए। बारिश और गर्मी के बीच, सोनम वांगचुक का समर्थन करने के लिए रोजाना सैकड़ों लोग जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं।


समर्थन में जुटे लोग

सोनम वांगचुक के अनशन को कई शिक्षकों, छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके साथी लगातार वहां मौजूद हैं। इस आंदोलन में विभिन्न राज्यों से छात्र समूह और शिक्षा सुधार की मांग करने वाले संगठन भी शामिल हुए हैं।


मुख्य मांगें

सोनम वांगचुक का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर है।