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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल: स्वास्थ्य में गिरावट और ऑर्गन डैमेज का खतरा

सोनम वांगचुक, एक प्रसिद्ध पर्यावरणविद, की भूख हड़ताल अब 19वें दिन में है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति में लगातार गिरावट आ रही है, जिसमें वजन में कमी और ऑर्गन डैमेज का खतरा शामिल है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि यह हड़ताल जारी रहती है, तो उनके महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। वांगचुक ने भूख हड़ताल समाप्त करने से इनकार किया है, यह कहते हुए कि सरकार की ओर से ठोस प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। इस लेख में उनकी स्वास्थ्य स्थिति और भूख हड़ताल के कारणों पर चर्चा की गई है।
 

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 19वां दिन


सोनम वांगचुक स्वास्थ्य अपडेट: प्रसिद्ध पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब 19वें दिन में है। उनकी सेहत में लगातार गिरावट आ रही है। चिकित्सा टीम के अनुसार, उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक घट चुका है और उनके शरीर में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहे हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि भूख हड़ताल जारी रहती है, तो उनके अंगों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है।


वजन में कमी और शुगर लेवल की स्थिति


डॉक्टर सतीश लांबा ने बताया कि वांगचुक मानसिक रूप से सतर्क हैं, लेकिन उनकी स्थिति में कमजोरी और वजन कम होने के स्पष्ट संकेत हैं। 19वें दिन उनका वजन 56.9 किलोग्राम रह गया है, जो कि 9 किलोग्राम से अधिक की कमी है। उनकी जांच में ब्लड शुगर लेवल 80 mg/dL, पल्स रेट 72 प्रति मिनट और लेटे हुए ब्लड प्रेशर 105/61 mmHg है। बैठने की स्थिति में उनका ब्लड प्रेशर 101/65 mmHg दर्ज किया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हाइड्रेशन स्थिति संतोषजनक है।


VIDEO | Delhi: Dr. Satish Lamba, Senior General Physician, gives update on health of Sonam Wangchuk, who has been on a hunger strike at Jantar Mantar since 19 days.

He says, “Today, on the 19th day, I am presenting Sonam Wangchuk’s health bulletin. First, I will discuss the… pic.twitter.com/HXSrcv48VZ

— Press Trust of India (@PTI_News) July 16, 2026


ऑर्गन डैमेज का खतरा


चिकित्सा टीम ने बताया कि लंबे समय तक भूखे रहने से शरीर ऊर्जा के लिए फैट और मांसपेशियों का उपयोग करने लगता है, जिससे यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है। यह मांसपेशियों के टूटने का संकेत हो सकता है। यदि भूख हड़ताल जारी रहती है, तो किडनी, लिवर और अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए उनकी 24 घंटे निगरानी की जा रही है।


भूख हड़ताल पर अड़े वांगचुक


सोनम वांगचुक को कई राजनीतिक नेताओं और समर्थकों ने भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। हालांकि, उन्होंने अभी तक अनशन खत्म करने से इनकार किया है। उनका कहना है कि यदि सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आती है, तो भूख हड़ताल खत्म करना गलत संदेश देगा। उनका उद्देश्य अपनी मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाना है।