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सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर चिंता, पत्नी ने उठाए सवाल

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर हो गई है, जिसके बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी पत्नी ने अस्पताल प्रशासन पर पारदर्शिता के सवाल उठाए हैं और डिस्चार्ज की मांग की है। जानें इस मामले में क्या हो रहा है और दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन के बारे में।
 

सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति


नई दिल्ली। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने भूख हड़ताल के दौरान गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना किया है। उन्हें दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) में भर्ती कराया है। अस्पताल द्वारा जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया गया है कि लंबे उपवास के कारण उनके शरीर में पानी की कमी, पोटेशियम का गिरता स्तर और कीटोन का बढ़ता स्तर पाया गया है, जिससे उनकी किडनी को खतरा हो सकता है। डॉक्टरों ने उन्हें इलाज कराने की सख्त सलाह दी है, लेकिन वांगचुक ने किसी भी प्रकार की दवा या ड्रिप लेने से मना कर दिया है।


स्वास्थ्य में गिरावट और इलाज से इनकार


सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) के बुलेटिन के अनुसार, 59 वर्षीय वांगचुक को शनिवार सुबह 7:40 बजे अस्पताल लाया गया। भर्ती के समय उनकी स्थिति सामान्य थी, लेकिन पानी की कमी गंभीर थी। दोपहर 1 बजे तक उनके यूरिन में कीटोन का स्तर 1+ से बढ़कर 3+ हो गया, जो चिंताजनक है। अस्पताल प्रशासन उनके परिवार को समझाने की कोशिश कर रहा है ताकि इलाज जल्द शुरू हो सके।


पत्नी ने उठाए पारदर्शिता के सवाल, डिस्चार्ज की मांग


इस बीच, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो (Gitanjali J. Angmo) ने अस्पताल प्रशासन और जांच रिपोर्ट की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि सफदरजंग अस्पताल की रिपोर्ट में वांगचुक का पोटेशियम स्तर 2.9 बताया गया है, जबकि कल यह 4.3 था। अस्पताल प्रशासन ने उन्हें दूसरी राय लेने की अनुमति नहीं दी है, जिससे उन्हें संदेह हो रहा है। उन्होंने अस्पताल से तुरंत डिस्चार्ज की मांग की है ताकि वे अपने पसंद के अस्पताल में इलाज करवा सकें, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है।


सीजेपी संसद मार्च की तैयारी में, दिल्ली में सुरक्षा कड़ी


जंतर-मंतर पर वामपंथी छात्र संगठनों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन जारी है। सीजेपी ने सोमवार (20 जुलाई) से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) के पहले दिन 'संसद मार्च' का आह्वान किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस मार्च के लिए संगठन ने कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली है।


बीएनएस की धारा 163 लागू


संसद सत्र के मद्देनजर नई दिल्ली जिले और संसद भवन के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी गई है। इसके तहत चार या अधिक लोगों के एकत्र होने और अनधिकृत रैलियों पर सख्त पाबंदी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के संसद की ओर मार्च करने वाले छात्र समूहों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को तुरंत हिरासत में लिया जाएगा।