सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त किया, सरकार से मिली सहमति
सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त
नीट परीक्षा लीक के मुद्दे पर पिछले 26 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने शुक्रवार रात को मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम में अपना अनशन समाप्त किया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में उन्होंने अपना उपवास तोड़ा। जितेंद्र सिंह ने उन्हें बिस्तर से उठाया, जबकि नड्डा ने उन्हें पहला घूंट पानी पिलाया।
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो भी इस अवसर पर उनके साथ थीं। अनशन समाप्त करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं आभारी और खुश हूं।' उन्होंने अपनी पत्नी का भी आभार व्यक्त किया। केंद्र सरकार के साथ लंबी बातचीत के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि 65 सांसदों ने उनसे अनशन खत्म करने की अपील की थी।
अनशन का कारण
सोनम वांगचुक ने 28 जून को छात्रों के आंदोलन में भाग लेते हुए अनशन शुरू किया था। छात्र NEET पेपर लीक जैसी समस्याओं के खिलाफ जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे। वे शिक्षा प्रणाली में सुधार, परीक्षा घोटालों की जांच और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
अनशन समाप्त करने के कारण
अनशन समाप्त करने से पहले सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों में तेज ट्रायल और सख्त सजा का नया कानून लाने की घोषणा की। इसके अलावा, शिक्षा मंत्रालय में भी कई उच्च अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया।
केंद्र सरकार के साथ लंबी बातचीत के बाद कुछ शर्तों पर सहमति बनी। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में अनशन समाप्त किया। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई न करने और शिक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने पर सहमति बनी।
हिंसा की आशंका को देखते हुए अनशन समाप्त
देश में संभावित हिंसा को रोकने के लिए भी उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण रहें और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहें। विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उनसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया था।
प्रधानमंत्री की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोनम वांगचुक को शुभकामनाएं दीं और उन्हें डॉक्टरों की सलाह मानकर जल्द स्वस्थ होने की अपील की। सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त करते हुए अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि कोई भी हिंसा नहीं होनी चाहिए।
क्या आंदोलन समाप्त हो गया?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन अभी भी जारी है। वे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, 26 दिन के अनशन के दौरान सोनम वांगचुक का वजन लगभग 11 किलो कम हो गया था.