सोमनाथ मंदिर में विशेष कलश का स्थापना समारोह
सोमनाथ मंदिर में कलश की स्थापना
विशेष कलश की क्षमता 1100 लीटर, पीएम मोदी सहित कई प्रमुख व्यक्ति समारोह में शामिल होंगे
सोमनाथ : आज गुजरात के सोमनाथ मंदिर के शिखर पर एक विशेष कलश स्थापित किया जाएगा, जिसमें देश के 11 पवित्र तीर्थों का जल होगा। यह आयोजन सोमनाथ के गौरवशाली इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा। अधिकारियों ने बताया कि इस कलश को महीनों की मेहनत के बाद तैयार किया गया है। इसे 90 मीटर ऊंची क्रेन के माध्यम से मंदिर के शिखर तक सावधानीपूर्वक पहुंचाया जाएगा।
अत्याधुनिक रिमोट कंट्रोल और सेंसर प्रणाली का उपयोग करते हुए, कलश को महज तीन मिनट में शिखर पर स्थापित किया जाएगा। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और घंटियों की गूंज के बीच 11 पवित्र तीर्थों के जल से अभिषेक किया जाएगा। यह दृश्य आस्था, विज्ञान और परंपरा का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विशेष आयोजन में शामिल होंगे। उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा, देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस दिव्य क्षण का साक्षी बनने के लिए सोमनाथ पहुंच रहे हैं। इससे पहले, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की उपस्थिति में कुंभाभिषेक का रिहर्सल भी किया गया था। इस महापर्व के लिए सोमनाथ मंदिर को फूलों से सजाया गया है और प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं।
विशेष कलश का वजन और महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दक्षिण भारत के मंदिरों में शिखर कुंभाभिषेक हर 10 से 12 वर्षों में आयोजित किया जाता है। लेकिन सोमनाथ मंदिर में यह आयोजन पहली बार हो रहा है, जिससे इसकी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता और भी बढ़ गई है। विशेष रूप से तैयार किया गया यह लगभग आठ फीट ऊंचा कलश 1100 लीटर जल धारण कर सकता है। इसकी कुल संरचना का वजन 1860 किलोग्राम है, जिसमें कलश का वजन 760 किलोग्राम है। यह विशाल और तकनीकी रूप से उन्नत कलश अद्भुत इंजीनियरिंग का एक उदाहरण है।