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सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अश्वी यादव पर रंगदारी और ब्लैकमेलिंग का मामला

उत्तर प्रदेश के इटावा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अश्वी यादव पर दो गंभीर मामलों में आरोप लगे हैं। पहले उन्होंने अपने घर पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया, और अब उनके खिलाफ 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला दर्ज हुआ है। पुलिस ने इन घटनाओं की जांच शुरू कर दी है और साजिश के सभी पहलुओं को जोड़ने की कोशिश कर रही है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

इटावा में अश्वी यादव के खिलाफ गंभीर आरोप

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अश्वी यादव दो गंभीर मामलों में चर्चा का विषय बन गई हैं। पहले उन्होंने अपने निवास पर जानलेवा हमले और फायरिंग का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके तुरंत बाद, उनके खिलाफ 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और कथित तौर पर 1.75 करोड़ रुपये की ब्लैकमेलिंग का मामला भी दर्ज हुआ है। इन घटनाओं के बाद, जिला पुलिस प्रशासन ने साजिश के सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।


फायरिंग की घटना और सीसीटीवी फुटेज
मामला 30 सितंबर को शुरू हुआ, जब अश्वी यादव ने फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में शिकायत की कि कुछ लोगों ने उनके घर पर फायरिंग की। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार नामजद और तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से एक नाबालिग शूटर को पकड़ा गया, जिसे बाल सुधार गृह भेजा गया है। पूछताछ में यह बात सामने आई कि यह फायरिंग एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी।


रंगदारी और ब्लैकमेलिंग का नया मामला
फायरिंग की घटना के कुछ दिन बाद, 12 अक्टूबर को एक नया मोड़ आया। इटावा के भरथना कोतवाली में अदालत के आदेश पर अश्वी यादव और उनके करीबी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अश्वी और उनके साथियों ने एक गहरी साजिश के तहत 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी और 1.75 करोड़ रुपये जबरन ट्रांसफर करवाए।


जांच की प्रक्रिया जारी
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रंगदारी का मामला कोर्ट के निर्देश पर दर्ज किया गया है। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों के लेन-देन और डिजिटल सबूतों की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच से यह मामला आपसी विवाद और सनसनी फैलाने का प्रतीत होता है, लेकिन फायरिंग और वित्तीय लेन-देन के पीछे की सच्चाई का पता लगाने के लिए विस्तृत विवेचना की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी साक्ष्यों के आधार पर इस विवाद का पर्दाफाश किया जाएगा।