सौरभ राजपूत हत्या मामले में दोषियों को मिली मृत्युदंड की सजा
सौरभ राजपूत हत्या मामले का फैसला
सौरभ राजपूत हत्या मामले में मृत्युदंड: मेरठ में हुए सौरभ राजपूत के बहुचर्चित हत्या कांड, जिसे नीला ड्रम केस के नाम से जाना जाता है, में अदालत ने दोषियों मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। जैसे ही फैसला सुनाया गया, दोनों दोषी भावुक हो गए। यह सजा जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में बुधवार को सुनाई गई। इस दौरान मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। अदालत ने उनसे पूछा कि क्या वे सजा सुनाए जाने से पहले कुछ कहना चाहते हैं, जिस पर दोनों ने कोई जवाब नहीं दिया।
सजा सुनाने से पहले, मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। सुबह 10:30 बजे जज ने जेल में बंद मुस्कान और साहिल की बात सुनी। जज ने मुस्कान से पूछा, "आपको अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी पाया गया है। आप क्या सजा चाहती हैं?" मुस्कान ने उत्तर दिया, "मेरी बेटी छोटी है; कृपया उसका ध्यान रखें।" इसके बाद वह चुप हो गई। जब साहिल से यही सवाल पूछा गया, तो वह भी चुप रहा। सरकारी वकील केके चौबे ने दोनों के लिए मौत की सजा की मांग की, जबकि उनके वकील रेखा जैन ने कहा कि मुस्कान की दो बेटियां हैं और उसके माता-पिता बुजुर्ग हैं, इसलिए उसे कम से कम सजा दी जानी चाहिए।
हत्या की घटना का विवरण
सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। उनके शव को पांच टुकड़ों में काटकर एक नीले ड्रम में भर दिया गया था। जुलाई 2025 में जिला अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई। 30 सितंबर को अदालत ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या का दोषी पाया। इस मामले में गवाही देने वाले सभी 22 गवाहों ने मुस्कान और साहिल को सौरभ का हत्यारा बताया है। यह हत्या पूर्व नियोजित थी, जिसमें आरोपियों ने पहले से चाकू, रेज़र, सीमेंट, रेत और एक बड़ा नीला ड्रम खरीदा था।
पुलिस और फोरेंसिक टीम की गवाही से यह स्पष्ट हुआ कि अपराध स्थल की स्थिति भयावह थी, जहाँ पूरे कमरे में खून के धब्बे फैले हुए थे। शव को बेरहमी से काटकर सीमेंट के साथ ड्रम में छिपा दिया गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने भी हत्या की बर्बरता और धारदार हथियारों के इस्तेमाल की पुष्टि की। इसके बाद अदालत ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या का दोषी पाया।