सौरभ राजपूत हत्याकांड: मुस्कान और साहिल ने हाईकोर्ट में दी मृत्युदंड की चुनौती
हाईकोर्ट में अपील
नई दिल्ली - सौरभ राजपूत हत्या मामले में मृत्युदंड की सजा पाए साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी ने निचली अदालत के निर्णय को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की है। इस अपील के बाद मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वहीं, अमित हत्या मामले में मृत्युदंड पाने वाले अमरदीप और रविता भी हाईकोर्ट में अपील करने की योजना बना रहे हैं।
नीले ड्रम में छिपाया गया शव
सौरभ राजपूत की हत्या का मामला मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र से संबंधित है। तीन मार्च 2025 को सौरभ की हत्या के बाद उसके शव को नीले ड्रम में सीमेंट भरकर छिपा दिया गया था। इस मामले में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी ठहराया गया। जिला जज अरविंद कुमार मिश्र ने 14 अक्टूबर को दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। अदालत का 165 पन्नों का आदेश अब हाईकोर्ट में आवश्यक स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा दाखिल अपील
सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील शुक्ला ने गुरुवार को साहिल और मुस्कान की ओर से हाईकोर्ट में अपील दाखिल की। अधिवक्ता ने बताया कि दोनों ने उन्हें अपना वकील नियुक्त करने की अनुमति दी थी, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी। फिलहाल, अपील पर सुनवाई की तारीख की जानकारी नहीं दी गई है। हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद ही मामले की आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
अमित हत्या मामले में भी अपील की तैयारी
अमित हत्या मामले में मृत्युदंड पाए अमरदीप और रविता भी हाईकोर्ट में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, 12 अप्रैल 2025 की रात अमित की गला दबाकर हत्या की गई थी। इस वारदात को हादसा दिखाने के लिए उसके शव पर सांप छोड़ने की बात भी सामने आई थी।
बच्ची के भविष्य को लेकर मानवीय अपील
इस मामले में एक भावनात्मक पहलू भी सामने आया है। कवयित्री अनामिका जैन अंबर और उनके पति, कवि सौरभ जैन, ने गुरुवार को मुस्कान से जेल में मुलाकात की। अनामिका ने कहा कि अपराध गंभीर है, लेकिन मुस्कान की 10 महीने की बच्ची का भविष्य भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपील की कि बच्ची के बालिग होने तक मुस्कान को फांसी न दी जाए और उसकी सजा को उम्रकैद में बदलने पर विचार किया जाए। यह उनकी व्यक्तिगत मानवीय अपील है; सजा में बदलाव का निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
फिलहाल, साहिल और मुस्कान की अपील तथा मृत्युदंड की स्वीकृति से जुड़ी आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई इस मामले की अगली महत्वपूर्ण कानूनी कड़ी होगी।