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स्नेहा कुमारी की रहस्यमय मौत: क्या प्रेम संबंधों ने बढ़ाई मुश्किलें?

बिहार के मुंगेर में जीएनएम छात्रा स्नेहा कुमारी की लापता होने के बाद रहस्यमय मौत ने सबको चौंका दिया है। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है, जिसने स्नेहा का अंतिम संस्कार बिना किसी को सूचित किए किया। क्या यह हत्या थी या आत्महत्या? परिवार ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और सच्चाई।
 

मुंगेर में लापता छात्रा की खोज का अंत


मुंगेर: बिहार के मुंगेर से लापता जीएनएम छात्रा स्नेहा कुमारी की खोज एक दुखद सत्य के साथ समाप्त हुई है। जानकारी के अनुसार, स्नेहा की मृत्यु हो चुकी है और उसका अंतिम संस्कार बिना किसी को सूचित किए किया गया। इस मामले में पुलिस ने पूर्णिया के एक अस्पताल में काम करने वाले युवक को हिरासत में लिया है, जिसने पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं।


पुलिस की जांच और चौंकाने वाले खुलासे

सफियासराय थाना क्षेत्र से स्नेहा के लापता होने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन के आधार पर शक की सुई पूर्णिया के अस्पताल के ओटी इंचार्ज नीरज कुमार यादव पर गई। पूछताछ के दौरान यह पता चला कि स्नेहा की मृत्यु हो चुकी है और नीरज ने बिना किसी को सूचित किए उसका अंतिम संस्कार कर दिया।


मौत का रहस्य

मौत का कारण अब भी रहस्य

हालांकि पुलिस ने पुष्टि की है कि स्नेहा की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन यह जानना अभी बाकी है कि उसकी जान कैसे गई। क्या यह हत्या थी, या उसने प्रेगनेंसी के डर से आत्महत्या की? या फिर किसी गलत इलाज के कारण उसकी मृत्यु हुई? नीरज एक अस्पताल में कार्यरत था, जिससे साजिश की संभावना और बढ़ गई है। पुलिस अस्पताल और मेडिकल स्टोर की भी जांच कर रही है।


अंतिम संस्कार की गुप्तता

पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली बात

जांच टीम पूर्णिया के कप्तानपारा श्मशान घाट पहुंची, जहां डोम राजा ने मृतका और आरोपी की तस्वीरों की पहचान की। उसने बताया कि नीरज अकेले ही एक युवती का शव लेकर आया था और खुद को उसका पति बताया। डोम राजा के अनुसार, नीरज ने कहा था कि परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं है, इसलिए वह अकेले अंतिम संस्कार कर रहा है। शव जलाने के लिए उसने लकड़ी विक्रेता को 8,500 रुपये भी दिए। जब पुलिस ने उसे अदालत में आमने-सामने कराया, तो डोम राजा ने मजिस्ट्रेट के सामने भी यही बयान दोहराया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि अंतिम संस्कार गुपचुप तरीके से किया गया था।


प्रेम संबंधों का जाल

प्रेम संबंध और विरोध से जुड़ा मामला

जानकारी के अनुसार, स्नेहा और नीरज के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। दोनों अलग-अलग जातियों से थे और नीरज के परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे। बताया जाता है कि नीरज की शादी कहीं और तय की जा रही थी। इसी बीच, स्नेहा पूर्णिया स्थित नीरज के किराए के कमरे पर पहुंची और वहां कुछ दिन रही। इस दौरान प्रेगनेंसी टेस्ट की बात भी सामने आई है, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया।


परिवार की मांग

परिवार ने की फांसी की मांग

मृतका के भाई प्रेम शर्मा और मां किरण देवी ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि नीरज ने न केवल उनकी बेटी की जान ली, बल्कि परिवार को अंतिम दर्शन का अधिकार भी नहीं दिया। उन्होंने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है।