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स्पाइसजेट की दिल्ली-पुणे उड़ान में एसी खराब, यात्रियों को हुई परेशानी

स्पाइसजेट की दिल्ली से पुणे जाने वाली फ्लाइट SG-105 में तकनीकी समस्या के कारण यात्रियों को गर्मी का सामना करना पड़ा। उड़ान से पहले एयर कंडीशनिंग में खराबी आई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। कई यात्रियों ने अपनी शिकायतें कीं और एयरलाइन ने वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की। जानें इस घटना के बारे में और यात्रियों की प्रतिक्रियाएं।
 

स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-105 में तकनीकी समस्या


दिल्ली से पुणे के लिए उड़ान भरने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-105 में मंगलवार को यात्रियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। उड़ान से पहले विमान के एयर कंडीशनिंग (AC) में खराबी की शिकायत आई। यात्रियों ने आरोप लगाया कि उन्हें गर्म और बंद विमान में काफी देर तक बैठना पड़ा, जिससे बच्चों के रोने और कई यात्रियों की बेचैनी की स्थिति उत्पन्न हुई। बाद में एयरलाइन ने एक वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें कुछ यात्री विमान के अंदर खड़े होकर हाथों से हवा कर रहे हैं। हालांकि, एयरलाइन ने कहा कि AC पूरे समय चालू था और तकनीकी समस्या के कारण वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई।


उड़ान का समय और तकनीकी समस्या

स्पाइसजेट की SG-105 फ्लाइट को मंगलवार रात 9:55 बजे दिल्ली से पुणे के लिए उड़ान भरनी थी। एयरलाइन के प्रवक्ता ने बताया कि उड़ान से ठीक पहले विमान में तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई, जिसके बाद यात्रियों को दूसरे विमान में स्थानांतरित किया गया। एयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया और कहा कि मौसम की स्थिति के कारण कुछ यात्रियों को परेशानी हो सकती है।


यात्री की शिकायतें

फ्लाइट में यात्रा कर रहे एक यात्री लेशपाल जवलगे ने बताया कि विमान के अंदर AC लगभग आधे घंटे तक काम नहीं कर रहा था। उन्होंने कहा कि गर्मी और उमस के कारण यात्रियों को काफी परेशानी हुई। जवलगे ने यह भी कहा कि कई यात्रियों के कपड़े पसीने से भीग गए थे और छोटे बच्चे रो रहे थे। गर्भवती महिलाओं को भी इस स्थिति में कठिनाई का सामना करना पड़ा।


क्रू मेंबर्स के व्यवहार पर सवाल

जवलगे ने यह भी बताया कि जब यात्रियों ने अपनी परेशानी चालक दल के सदस्यों को बताई, तो उन्हें अपनी सीट से नहीं उठने के लिए कहा गया। यात्रियों को स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिससे कुछ यात्री नाराज हो गए और उन्होंने दूसरे विमान से यात्रा करने की मांग की।


CISF की तैनाती

स्थिति बिगड़ने पर एयरपोर्ट पर CISF के जवानों को बुलाया गया। प्रारंभ में एयरलाइन की तकनीकी टीम ने कहा कि समस्या 20 मिनट में ठीक हो जाएगी, लेकिन एक घंटे बाद बताया गया कि समस्या का समाधान नहीं हो सकता। इसके बाद यात्रियों को दूसरी उड़ान में भेजने की व्यवस्था की गई, जिससे उन्हें कई घंटों की देरी का सामना करना पड़ा।