स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026: 130 शहरों में वायु गुणवत्ता में सुधार
स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत सुधार
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के अंतर्गत, देश के 130 शहरों में से 108 शहरों में वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर पर्यावरण मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026' के परिणामों के अनुसार, 72 शहरों में PM10 के स्तर में 20 प्रतिशत से अधिक और 26 शहरों में 40 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई है। हालांकि, केवल 14 शहरों ने राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS) को पूरी तरह से पूरा किया है.
लखनऊ का उत्कृष्ट प्रदर्शन
बड़े शहरों में लखनऊ का शानदार प्रदर्शन
10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले बड़े शहरों में लखनऊ ने पहले स्थान पर कब्जा किया, जबकि इंदौर और जबलपुर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। लखनऊ में PM10 के स्तर में 46.64 प्रतिशत की कमी आई है। यह सफलता शहर में 1,093 ई-वाहनों के माध्यम से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने, 97 मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीनों के उपयोग, 18.5 लाख टन पुराने कचरे के प्रसंस्करण और 2,550 टन दैनिक क्षमता वाले वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट जैसी पहलों के कारण संभव हुई.
मध्यम और छोटे शहरों में प्रदर्शन
मध्यम और छोटे शहरों में इन्होंने मारी बाजी
3 से 10 लाख की जनसंख्या वाले मध्यम शहरों में राउरकेला ने पहला स्थान प्राप्त किया, फिरोजाबाद ने दूसरा और अमरावती ने तीसरा स्थान हासिल किया। फिरोजाबाद में PM10 का स्तर 59.5 प्रतिशत घटा। 3 लाख से कम जनसंख्या वाले छोटे शहरों में ओडिशा का दबदबा रहा, जहां कलिंगानगर, अंगुल और तालचेर क्रमशः शीर्ष तीन स्थानों पर रहे। राष्ट्रीय स्तर पर वार्ड श्रेणी में लखनऊ का वार्ड-70 अव्वल रहा, जबकि दिल्ली के पश्चिमी पंजाबी बाग और रोहिणी-ए जैसे वार्डों ने भी राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया.
जनभागीदारी और बजट
जनभागीदारी और 16,425 करोड़ का बजट
एनजीटी (NGT) के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों की भागीदारी भी आवश्यक है। पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, NCAP के तहत 130 शहरों को प्रदर्शन के आधार पर 16,425 करोड़ की ग्रांट जारी की गई है ताकि इस मुहिम को जन-आंदोलन का रूप दिया जा सके.