स्वतंत्र भारद्वाज को तिहाड़ जेल में भेजा गया, सुरक्षा की मांग
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी
जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान एक छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट के आरोप में 21 वर्षीय दक्षिणपंथी कंटेंट क्रिएटर स्वतंत्र भारद्वाज को तिहाड़ जेल भेजा गया है। उनके वकील पीयूष जैन ने बताया कि जेल में देशविरोधी तत्वों से भारद्वाज को खतरा हो सकता है, इसलिए उन्होंने सरकार से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है.
पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज
दिल्ली की अदालत ने भारद्वाज को पहले पुलिस हिरासत में और फिर न्यायिक हिरासत में भेजा। पुलिस ने इस मामले में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी हैं। वकील जैन का कहना है कि ये आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं और दो महीने के बाद लगाए गए हैं.
गिरफ्तारी का विवरण
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने भारद्वाज को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया। नाबालिग कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न के आरोप में पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.
विशेष अदालत में सुनवाई
यह पुलिस कार्रवाई भारद्वाज के एक वीडियो पॉडकास्ट के बाद हुई, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान पीड़ित का सर फोड़ दिया था। बाद में उन्होंने कहा कि यह कदम उन्होंने आत्मरक्षा में उठाया था। इस मामले की मुख्य सुनवाई एससी/एसटी मामलों की विशेष अदालत में होगी.