स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट से मिली नियमित जमानत
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दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान एक छात्र-कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट के मामले में नियमित जमानत प्रदान की है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लाले ने मंगलवार को यह निर्णय लिया। पहले, 15 सितंबर को स्वतंत्र को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दी गई थी, जिसमें अदालत ने कहा था कि नियमित जमानत पर निर्णय लेने से पहले उनके आचरण का अवलोकन किया जाएगा। उन्हें सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफार्मों पर मामले से संबंधित किसी भी चर्चा से भी रोका गया था। अब अदालत ने उनकी नियमित जमानत को मंजूरी दे दी है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
यह मामला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से संबंधित है, जहां पुलिस के अनुसार एक छात्र-कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट हुई थी। स्वतंत्र भारद्वाज पर इसी मामले में आरोप लगाया गया और उन्हें गिरफ्तार किया गया। उन्हें 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया गया था और बाद में न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता और SC/ST एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं।
बचाव पक्ष की दलीलें
स्वतंत्र के वकील उमेश चंद्र शर्मा ने अदालत में उनकी गिरफ्तारी और आरोपों को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि घटना से संबंधित एक वीडियो यह दर्शाता है कि शिकायतकर्ता ने पहले स्वतंत्र पर हमला किया था। वकील ने यह भी बताया कि स्वतंत्र ने अंतरिम जमानत के दौरान अदालत द्वारा निर्धारित किसी भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया।
शिकायतकर्ता की दलीलें
वहीं, शिकायतकर्ता पक्ष ने जमानत का विरोध किया, यह कहते हुए कि स्वतंत्र को हिरासत में रखकर पूछताछ की आवश्यकता है। शिकायतकर्ता ने जातिसूचक टिप्पणियों का भी आरोप लगाया, हालांकि दिल्ली पुलिस के अनुसार, मूल शिकायत में ऐसा कोई उल्लेख नहीं था।
सोशल मीडिया पर चिंता
अंतरिम जमानत के दौरान, अदालत ने स्वतंत्र की सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी टिप्पणी की थी। अदालत ने कहा कि मामले से संबंधित विवाद का समाधान सबूतों के आधार पर होना चाहिए, न कि सार्वजनिक मंचों पर।