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स्वदेशी अपनाने की अपील: शिवराज सिंह चौहान का संदेश

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'स्वदेशी अपनाओ' अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना भारत की प्रगति के लिए आवश्यक है। चौहान ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि स्वदेशी केवल सामान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उनका मानना है कि इससे गांवों की मजबूती, किसानों की समृद्धि और उद्योगों का विकास होगा। प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद, स्वदेशी अपनाने की मुहिम ने जोर पकड़ लिया है।
 

स्वदेशी अपनाओ अभियान का महत्व

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'स्वदेशी अपनाओ' मुहिम के तहत कहा है कि यदि हमें प्रगति करनी है, तो स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना आवश्यक है। उनका मानना है कि स्वदेशी अपनाना, भारत को अपनाना है। 


शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया, “स्वदेशी ही भारत की असली ताकत है। आगे बढ़ने के लिए हमें स्वदेशी को अपनाना होगा। स्वदेशी केवल वस्त्र या सामान नहीं है, यह आत्मनिर्भरता का मंत्र है। यह हमारे किसानों की मेहनत का सम्मान, कारीगरों की कला की पहचान और हमारे उद्योगों तथा युवाओं की शक्ति है।


उन्होंने आगे कहा, “स्वदेशी का मतलब है अपनी मिट्टी की खुशबू। यह वह सामान है, जिसे बनाने में हमारे देशवासियों का पसीना बहा है। जब हम स्वदेशी को अपनाते हैं, तो हम केवल एक वस्तु का चयन नहीं करते, बल्कि भारत के भविष्य का चयन करते हैं।


चौहान ने अपनी पोस्ट में लिखा, “स्वदेशी से गांव मजबूत होंगे, किसान समृद्ध होंगे, उद्योग विकसित होंगे और भारत आत्मनिर्भर बनेगा।


इससे पहले, शिवराज सिंह चौहान ने 'आईआईएसईआर' भोपाल में एक कार्यक्रम में कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने अपील की है कि हमें अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करना चाहिए।


उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि वे अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी उत्पादों का ही उपयोग करें। इससे हमारे देशवासियों को रोजगार मिलेगा और हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।


यह ध्यान देने योग्य है कि 15 अगस्त को 79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से 'स्वदेशी' अपनाने का आह्वान किया था। इस पहल के तहत स्वदेशी अपनाने की मुहिम ने जोर पकड़ लिया है। सरकार और सत्ताधारी पार्टी इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।