स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का मामला
प्रयागराज: झूंसी थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले के संबंध में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका प्रस्तुत की है। उनके वकील राजर्षि गुप्ता ने राज्य सरकार को नोटिस भेजा है।
रविवार को झूंसी पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और चार अन्य के खिलाफ नाबालिग बच्चों के साथ दुष्कर्म के आरोप में मामला दर्ज किया। इससे पहले, शनिवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) ने झूंसी पुलिस को निर्देश दिया था कि वे मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच करें।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने पिछले महीने अदालत में याचिका दायर कर मामले की जांच की मांग की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि महाकुंभ के दौरान नाबालिग लड़कों के साथ दुष्कर्म किया गया। अदालत ने पीड़ित बच्चों के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस कमिश्नर को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पीड़ित बच्चों के बयान, स्वतंत्र गवाहों के बयान, पुलिस कमिश्नर द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट और संकलित सामग्री के आधार पर आरोप गंभीर प्रतीत होते हैं। आदेश में यह भी कहा गया कि लैंगिक उत्पीड़न के स्पष्ट आरोप संज्ञेय अपराध को दर्शाते हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए एफआईआर को अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी है।