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हमीरपुर में सड़क दुर्घटना: बस और टैंकर की टक्कर में तीन की मौत, 20 से अधिक घायल

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक गंभीर सड़क दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। यह हादसा कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ, जहां एक रोडवेज बस और डीजल टैंकर के बीच जोरदार टक्कर हुई। स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सड़क सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, इस मार्ग पर लगातार हो रहे हादसों ने चिंता बढ़ा दी है।
 

भीषण सड़क हादसा

हमीरपुर(उत्तर प्रदेश)- बुधवार शाम को कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-34) पर हमीरपुर जिले में एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई। सुमेरपुर थाना क्षेत्र के कुंडौरा गांव के निकट उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की एक रोडवेज बस, डीजल टैंकर और एक अन्य वाहन के बीच जोरदार टक्कर हो गई। यह दुर्घटना इतनी भयानक थी कि बस और टैंकर का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।


प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इस हादसे में बस के चालक, टैंकर के चालक सहित तीन व्यक्तियों की जान चली गई, जबकि 20 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। घायलों को स्थानीय निवासियों, पुलिस और 108 एंबुलेंस की सहायता से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।


हादसे की सूचना मिलते ही सुमेरपुर थाना पुलिस, क्षेत्राधिकारी (सीओ) और अन्य प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य करते हुए बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दुर्घटना के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने के बाद धीरे-धीरे सामान्य किया गया।


पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज गति और टक्कर की तीव्रता को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।


वहीं, परिवहन निगम के अधिकारियों ने जानकारी दी कि दुर्घटनाग्रस्त बस महोबा डिपो की थी। सभी यात्रियों को तुरंत सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है और विभाग की टीम मौके पर मौजूद रहकर हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।


सड़क सुरक्षा पर सवाल

फिर सवालों के घेरे में एनएच-34


कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-34) पर लगातार हो रहे सड़क हादसों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से इस मार्ग पर डिवाइडर, बेहतर सुरक्षा इंतजाम और ब्लैक स्पॉट्स को सुधारने की मांग कर रहे हैं। हाल के महीनों में इस हाईवे पर कई बड़े हादसे हो चुके हैं, जिसके कारण इसे स्थानीय स्तर पर 'खूनी हाईवे' भी कहा जाने लगा है। सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा सर्वे कराए जाने के बावजूद दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।