हरसिमरत कौर बादल की अपील: नशा तस्करी रोकने के लिए महिलाएं बनें प्रहरी
महिलाओं से नशा तस्करी के खिलाफ एकजुट होने की अपील
खरड़- शिरोमणि अकाली दल की प्रमुख नेता और बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब में नशा तस्करी को रोकने के लिए महिलाओं से गांवों और मोहल्लों में सामुदायिक पहरेदारी करने की अपील की है। खरड़ में आयोजित 'मावां-धीयां दी फौज' रैली में उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होनी चाहिए।
हरसिमरत ने रैली में बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं का आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम के आयोजन के लिए हलका प्रभारी रविंदर सिंह खेड़ा की सराहना की।
उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल 2027 में पंजाब में सरकार बनने पर नशे की समस्या को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पार्टी महिला डीजीपी के नेतृत्व में एक विशेष टास्क फोर्स का गठन करेगी। महिलाओं से नशा बेचने वालों और उनके संरक्षणकर्ताओं के बारे में जानकारी जुटाने की अपील की गई।
अकाली नेता ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी कानून में संशोधन कर नशा तस्करों को 10 साल तक जमानत न मिलने और उनकी संपत्ति जब्त करने की व्यवस्था करेगी।
दलबीत सिंह की पार्थिव देह पर उठाए सवाल
हरसिमरत कौर बादल ने मानसा में दलबीत सिंह की पार्थिव देह को पुलिस द्वारा ले जाने की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि जब परिजनों ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई।
उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार पर नशा तस्करी रोकने में असफल रहने और कथित तौर पर नशा तस्करों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। हरसिमरत ने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को ही कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकारी राजिंदरा अस्पताल में नशा कारोबार और एक सीआईएसएफ कांस्टेबल की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान पर परविंदर झोटा के परिवार से मुलाकात न करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के साथ दुर्व्यवहार से गलत संदेश जा रहा है। उन्होंने पंजाब में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
रैली में रविंदर सिंह खेड़ा, परमजीत कौर लांडरां, सुखवीर कौर खेड़ा सहित अन्य नेताओं ने भी अपने विचार साझा किए।