हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के बाद कचरे की समस्या: स्थानीय लोगों की नाराजगी
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और कचरे की समस्या
सावन के महीने में लगभग पांच करोड़ श्रद्धालु गंगाजल लेने हरिद्वार आए। शिवरात्रि के बाद कांवड़ यात्रा समाप्त होने पर, श्रद्धालुओं की भीड़ के पीछे कई स्थानों पर कचरे के ढेर दिखाई दिए। घाटों और सड़कों पर कपड़े, प्लास्टिक और टूटी कांवड़ का सामान बिखरा हुआ था।
हर की पैड़ी पर सफाई की चुनौती
हरिद्वार के प्रमुख घाट हर की पैड़ी सहित शहर के 100 से अधिक घाटों पर सफाईकर्मियों को बड़े पैमाने पर कचरा हटाने का कार्य करना पड़ा। कुछ चेंजिंग रूम में इस्तेमाल की गई पानी की बोतलों में पेशाब भरा मिला। सफाई के दौरान कई कर्मचारियों को बिना दस्ताने और मास्क के काम करते देखा गया।
स्थानीय लोगों की नाराजगी
कचरे की तस्वीरों ने स्थानीय निवासियों में नाराजगी उत्पन्न कर दी है। उनका कहना है कि जिस गंगा की पवित्रता के लिए लाखों लोग यात्रा करते हैं, उसी के किनारे पूजा के बाद इतनी गंदगी छोड़ना आस्था और जिम्मेदारी के बीच एक बड़ा विरोधाभास है।
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा संपन्न होने के बाद जब सफाई शुरू हुई तो हर की पैड़ी पर बने चेंजिंग रूम में बहुत सारी पानी की बोतलों के अंदर पेशाब भरा मिला है। सफाईकर्मियों का आरोप है कि कांवड़िए ऐसा करके गए हैं। pic.twitter.com/VYSrEeiuzf
— Sachin Gupta (@Sachingupta) August 12, 2026
सात हजार टन कचरा डंपिंग साइट पर
प्रशासन के अनुसार, हरिद्वार में अब तक लगभग सात हजार टन कचरा डंपिंग साइटों तक पहुंचाया जा चुका है। नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि शिवरात्रि के बाद सफाई टीमों ने रातभर अभियान चलाकर घाटों, पार्किंग क्षेत्रों और प्रमुख सड़कों से कचरा हटाया।
गंगोत्री क्षेत्र में भी संकट
कचरे की समस्या केवल हरिद्वार और ऋषिकेश तक सीमित नहीं रही। उत्तरकाशी के गंगोत्री क्षेत्र में भी सावन के दौरान लगभग 57 हजार श्रद्धालु पहुंचे। वापसी के बाद यहां प्लास्टिक, कपड़े और अन्य सामग्री जगह-जगह जमा मिली, जिससे संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पर चिंता बढ़ी है।
प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र में नियमों की अनदेखी
गंगोत्री को प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है, फिर भी बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा मिलना पर्यावरणीय नियमों के पालन पर सवाल खड़े करता है। इससे जंगलों, वन्यजीवों और स्थानीय वनस्पतियों को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है।
वन विभाग का विशेष अभियान
कांवड़ यात्रा के बाद वन विभाग ने गंगोत्री में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान कर्मचारियों ने 57 बोरे कचरा इकट्ठा किया, जिसे आगे निस्तारण के लिए भेजा गया। अब चुनौती केवल कचरा हटाने की नहीं, बल्कि अगले धार्मिक सीजन में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने देने की है।