हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा 2026: 4-5 जुलाई को 23 केंद्रों पर होगी परीक्षा
एचटेट परीक्षा की तैयारियाँ
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा 4 और 5 जुलाई को आयोजित होने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के लिए रेवाड़ी जिले में 23 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिलाधीश अभिषेक मीणा ने इस परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत 200 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू की है।
बैठक में दिशा निर्देश
डीसी अभिषेक मीणा ने बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में अधिकारियों और सेंटर सुपरिटेंडेंट के साथ बैठक की, जिसमें एचटेट परीक्षा की तैयारियों पर चर्चा की गई। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
परीक्षा की जिम्मेदारी
डीसी ने कहा कि एचटेट परीक्षा का नकल रहित और सुव्यवस्थित संचालन सेंटर सुपरिटेंडेंट की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थी
रेवाड़ी जिले में 23 परीक्षा केंद्रों पर कुल 14,282 अभ्यर्थी एचटेट परीक्षा देंगे। पहले दिन, 4 जुलाई को पीजीटी की परीक्षा होगी, जिसमें 4,455 अभ्यर्थी शामिल होंगे। दूसरे दिन, 5 जुलाई को टीजीटी और पीआरटी की परीक्षाएँ होंगी, जिनमें क्रमशः 7,287 और 2,540 अभ्यर्थी भाग लेंगे।
परीक्षा के समय
लेवल-3 (पीजीटी) की परीक्षा 4 जुलाई को शाम 3:00 बजे से 5:30 बजे तक होगी। लेवल-2 (टीजीटी) की परीक्षा 5 जुलाई को सुबह 10:00 बजे से 12:30 बजे तक और लेवल-1 (पीआरटी) की परीक्षा उसी दिन शाम 3:00 बजे से 5:30 बजे तक आयोजित की जाएगी।
सुरक्षा उपाय
जिलाधीश ने आदेश दिया है कि परीक्षा के 200 मीटर दायरे में किसी भी प्रकार के हथियार लाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षार्थियों के अलावा किसी बाहरी व्यक्ति को परीक्षा केंद्र के पास खड़े होने की अनुमति नहीं होगी। 4 और 5 जुलाई को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक परीक्षा केंद्रों के आसपास फोटोस्टेट की दुकानें बंद रहेंगी और मोबाइल फोन, लैपटॉप, वाई-फाई और अन्य व्यक्तिगत हॉटस्पॉट का संचालन नहीं होगा।
कानूनी कार्रवाई
जिलाधीश ने कहा कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 और अन्य अधिनियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।