हरियाणा एसटीएफ ने गैंगस्टर वैनकेट गर्ग का जॉर्जिया से प्रत्यर्पण किया
गुरुग्राम में गैंगस्टर का प्रत्यर्पण
गुरुग्राम समाचार: हरियाणा की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संगठित अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर वैनकेट गर्ग का जॉर्जिया से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पण किया है। उसे गुरुवार को भारत लाया गया, जो कि जॉर्जिया से भारत का पहला प्रत्यर्पण है। इस वर्ष 2026 में एसआईटी हरियाणा द्वारा यह 10वां प्रत्यर्पण है।
गैंगस्टर की गतिविधियाँ
एसटीएफ के अनुसार, यह प्रत्यर्पण भारत और जॉर्जिया सरकारों के बीच घनिष्ठ सहयोग का परिणाम है। एसटीएफ ने इसे गंभीर अपराधों में शामिल भगोड़ों को विदेश में शरण लेने से रोकने की भारत की प्रतिबद्धता के रूप में देखा है। वैनकेट गर्ग, जो 29 वर्ष का है, अंबाला जिले के नारायणगढ़ का निवासी है और 53 सदस्यों वाले गैंग का सरगना है। उसके खिलाफ अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और चंडीगढ़ में हत्या, रंगदारी और अवैध हथियारों के इस्तेमाल के आरोप हैं।
गैंगस्टर का पासपोर्ट रद्द
वैनकेट गर्ग को उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका है और उसके खिलाफ हरियाणा और चंडीगढ़ में 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं। भारत से भागने से पहले उसके खिलाफ 23 मामले थे। विदेश भागने के बाद भी उसने अपने साथियों के माध्यम से आपराधिक गतिविधियाँ जारी रखीं, जिसके चलते 11 और मामले दर्ज हुए। जांच में यह भी पता चला कि वैनकेट 10 दिसंबर 2024 को दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से अमेरिका भाग गया और 26 जनवरी 2025 को जॉर्जिया पहुंचा।
एसटीएफ की प्रतिबद्धता
एसटीएफ हरियाणा ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लुक आउट सर्कुलर और इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। अंतरराष्ट्रीय चैनलों से जॉर्जिया में उसकी मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू की गई। इस ऑपरेशन में विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावासों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसटीएफ का कहना है कि वैनकेट गर्ग का प्रत्यर्पण संगठित अपराध के खिलाफ उनके अभियान में एक बड़ी सफलता है।