हरियाणा के जवान रवि प्रकाश की शहादत, बेंगलुरु में ट्रेनिंग के दौरान हुआ हादसा
हरियाणा के जवान की शहादत की खबर से गांव में शोक
हरियाणा के जवान की शहादत: चरखी दादरी के कासनी गांव में मंगलवार को शोक का माहौल छा गया। देश की सेवा में तैनात हवलदार रवि प्रकाश अब हमारे बीच नहीं रहे। बेंगलुरु में सेना की ट्रेनिंग के दौरान एक फिजिकल एक्टिविटी के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। जैसे ही यह दुखद समाचार उनके परिवार और गांव वालों तक पहुंचा, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
फिजिकल एक्टिविटी के दौरान स्वास्थ्य में गिरावट
जानकारी के अनुसार, हवलदार रवि प्रकाश बेंगलुरु में ट्रेनिंग कर रहे थे। मंगलवार की सुबह, वह नियमित फिजिकल एक्टिविटी में भाग ले रहे थे, तभी उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। चिकित्सा सहायता तुरंत प्रदान की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। सेना ने इस घटना की सूचना उनके परिवार को दी, जिससे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
54 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात
हवलदार रवि प्रकाश 54 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे, और उनकी पोस्टिंग कश्मीर में थी। वह सेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे और ट्रेनिंग के सिलसिले में बेंगलुरु गए थे। किसी ने नहीं सोचा था कि ट्रेनिंग के दौरान ही परिवार को उनके शहीद होने की खबर मिलेगी। उन्होंने 2015 में मद्रास-16 इंजीनियरिंग रेजिमेंट में भर्ती होकर भारतीय सेना में कदम रखा था।
परिवार पर दुखों का पहाड़
हवलदार रवि प्रकाश के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे 8 वर्षीय बेटे देव सांगवान को छोड़ गए हैं। इस उम्र में बेटे को पिता के साथ खेलना और जीवन की बातें सीखनी थीं, लेकिन अब वह अपने पिता के बिना रह जाएगा। परिवार के लिए यह क्षति शब्दों में बयां करना मुश्किल है। गांव के लोग भी परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं।
पार्थिव शरीर का इंतजार
रवि प्रकाश की शहादत की सूचना के बाद से परिवार और ग्रामीण उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पार्थिव शरीर देर शाम तक कासनी पहुंच सकता है। पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों के जुटने की संभावना है। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।