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हरियाणा के शहीद जवान का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ

हरियाणा के नारनौल में शहीद आईटीबीपी जवान अमर सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। 53 वर्षीय अमर सिंह ने 1997 में आईटीबीपी में भर्ती होकर देश की सेवा की। उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए और देशभक्ति के नारों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। जानें उनके जीवन और बलिदान के बारे में अधिक जानकारी।
 

पैतृक गांव में बेटों ने दी मुखाग्नि

हरियाणा के नारनौल में शहीद जवान का अंतिम संस्कार
ITBP जवान शहीद, नारनौल: हरियाणा के नारनौल में एक शहीद जवान का अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। शहीद जवान को उनके बेटों ने मुखाग्नि दी। यह जवान पंजाब के अमृतसर में तैनात थे और उन्होंने लगभग 28 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। उनकी अंतिम यात्रा में आईटीबीपी के अधिकारी भी शामिल हुए और टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी। अंतिम संस्कार में आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।


1997 में आईटीबीपी में भर्ती हुए अमर सिंह

जानकारी के अनुसार, गांव मारोली के निवासी 53 वर्षीय अमर सिंह ने 1997 में आईटीबीपी में भर्ती हुए थे। उनकी कई स्थानों पर तैनाती रही। शनिवार सुबह उन्हें हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उन्हें पहले अमृतसर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन, स्थिति में सुधार न होने पर उन्हें नोएडा के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


देशभक्ति के नारों के साथ अंतिम यात्रा

शनिवार की देर शाम शहीद अमर सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव मारोली लाया गया। रात होने के कारण उनका अंतिम संस्कार नहीं किया गया। जब उनका शव गांव में पहुंचा, तो पूरे गांव के लोगों ने देशभक्ति के नारे लगाए। इसके बाद रविवार सुबह उनका अंतिम संस्कार गांव के स्वर्ग आश्रम में किया गया।


अंतिम संस्कार में शामिल हुए कई गांवों के लोग

अंतिम संस्कार में गांव मारोली, कारोली, कोरियावास और निजामपुर के अनेक लोग शामिल हुए। गांव के सरपंच भीम सिंह ने बताया कि शहीद अमर सिंह के माता-पिता जीवित हैं और उन्होंने अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ा है। शहीद के दो बेटे हेमंत और मनीष तथा एक बेटी मनेश हैं, सभी की शादी हो चुकी है।